चयनित शिक्षकों का धरना जारी, योग्यता विवाद के बीच नियुक्ति की मांग
भोपाल। राजधानी भोपाल का बोर्ड ऑफिस चौराहा पिछले छह दिनों से चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों के असंतोष और संघर्ष का गवाह बना हुआ है। सीमित संसाधनों और अनिश्चितता के साए में सैकड़ों अभ्यर्थी खुले आसमान तले अपनी मांगों को लेकर लगातार धरने पर बैठे हैं। धरने पर बैठे अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन स्थल को ही अपना अस्थायी ठिकाना बना लिया है, जहाँ भोजन से लेकर रात गुजारने तक की व्यवस्था वे खुद ही कर रहे हैं।
यह पूरा विवाद मध्य प्रदेश प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 के तहत 13,089 पदों पर हो रही भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती विज्ञापन के समय डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) की पढ़ाई कर रहे उम्मीदवारों को चयन परीक्षा में शामिल होने की स्पष्ट अनुमति दी गई थी। परीक्षा पास करने के बाद उन्हें पूरी उम्मीद थी कि प्रक्रिया पूरी होने तक योग्यता हासिल कर लेने पर उन्हें नियुक्ति पत्र मिल जाएगा। हालांकि, दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) के दौरान नियम बदलकर योग्यता पूरी करने की कट-ऑफ तारीख 25 अगस्त 2025 तय कर दी गई। इस अचानक हुए बदलाव से परीक्षा पास कर चुके सैकड़ों अभ्यर्थी अंतिम समय में अपात्र घोषित कर दिए गए।
तुरंत नियुक्ति दे सरकार
अभ्यर्थियों की मांग है कि डीएलएड की योग्यता पूरी करने वाले सभी चयनित उम्मीदवारों के मामलों पर शासन स्तर पर पुनर्विचार किया जाए और उन्हें तुरंत नियुक्ति दी जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
