पंचायत चुनाव में पेपरलेस वोटिंग़, वेब साइड पर दिखाया सीधा प्रसारण
भोपाल। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को प्रदेश के पंचायत चुनाव इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। आयोग ने पहली बार जनपद सदस्य पद के लिए पेपरलेस वोटिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया, जो पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम पर आधारित थी। यह ऐतिहासिक पहल दमोह जिले के वार्ड-16 से शुरू हुई, जहां मतदाताओं ने बिना कागज के अपना मत डाला।
राज्य निर्वाचन आयोग ने इसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल सागर जिले की चार ग्राम पंचायतों अगरा, औरिया, मुहासा और सेमरालहरिया में सरपंच पद के चुनाव के लिए भी किया। इन ग्राम पंचायतों के 9 मतदान केंद्रों पर वोटिंग इंटीग्रेटेड पोलिंग बूथ मैनेजमेंट सिस्टम के ज़रिए संपन्न कराई गई, जो चुनाव प्रणाली को और भी पारदर्शी, तेज़ और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नई व्यवस्था के तहत, वोटिंग प्रक्रिया की लाइव ट्रैकिंग एक वेबसाइट के माध्यम से की गई। इससे आम जनता और अधिकारी यह आसानी से जान पाए कि किस मतदान केंद्र पर कितने प्रतिशत मतदान हो चुका है। इसके अलावा, सागर और दमोह में लगाई गईं विशेष लाइव डिस्प्ले स्क्रीन पर भी पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया गया, जिससे पारदर्शिता और बढ़ गई।
गौरतलब है क आज मंगलवार को दमोह जिले के वार्ड-16 में जनपद सदस्य पद के लिए, सागर जिले की 4 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए, कुल मिलाकर 49 सरपंच और 5 जनपद सदस्य पदों के लिए मतदान हुआ।
नहीं पड़ी लंबी लाइनों की जरूरत
पेपरलेस वोटिंग के इस नवाचार से मतदान दलों को सामग्री लेने के लिए लंबी लाइनों में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ी। मतदान सामग्री सीधे संबंधित मतदान केंद्रों पर वितरित की गई, जिससे लॉजिस्टिक्स की जटिलता में कमी आई और समय की भी काफी बचत हुई। यह पहल मध्य प्रदेश में चुनावी प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
