मृत बीएलओ के परिजनों को दी जाए 15 लाख की आर्थिक सहायता
एसआईआर के काम में लगे बीएलओ लगातार हो रहे बीमार
भोपाल। प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के एसआईआर सर्वे में लगातार बीएलओ की तबीयतें बिगड़ने की खबरें सामने आ रही है। प्रदेश में अब तक छह स्थानों पर तबीयत खराब होने के बाद छह बीएलओ की मौत हो चुकी है। इसके बाद कर्मचारी संगठन और कांग्रेस हमलावर हो गई है। कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि सर्वे के दौरान जिन कर्मचारियों की मौत हुई है, उनके परिजनों को 15 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जाए।
प्रदेश में अब तक एसआईआर सर्वे में लगे 6 बीएलओ की मौत के बाद अब इस समय सीमा को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है। कांग्रेस का आरोप है समयसीमा कर्मचारियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। कांग्रेस में एसआईआर सर्वे विभाग के संयोजक और पार्टी के वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने सवाल खड़ा किया कि क्या वजह है कि ये जानलेवा समय सीमा तय कर दी गई है। एक महीने में कैसे ये लक्ष्य पूरा होगा। और क्या होगा कि अगर ये समय सीमा बढ़ा दी जाएगी। वर्मा ने कहा कि कांग्रेस मांग करती है कि इस सर्वे की समय सीमा बढ़ाई जाए। चुनाव आयोग इतने दबाव में जल्दबाजी में ये सर्वे का काम क्यों करवाना चाहता है। इतना दबाव है कि कर्मचारियों की मौत हो रही है।
सरकारी खर्च पर कराएं इलाज
कर्मचारियों की मौत के बाद तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त, नई दिल्ली के अलावा राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भोपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने मांग की है कि जिस तरह से 2 दिन की मतदान ड्यूटी के दौरान मृत्यु पर 10 अप्रैल 2019 के आदेश के तहत कर्मचारी के निधन पर 15 लाख रुपए एवं घायल बीमार होने पर सरकारी खर्च पर इलाज की व्यवस्था है। वही व्यवस्था एक महीने चल रहे इस सर्वे के काम में भी होना चाहिए और जिन कर्मचारियों की सर्वे के दौरान मौत हुई है, उन्हें 15 लाख का मुआवजा मिलना चाहिए।
बीमार पड़ रहे बीएलओ, मदद उपलब्ध कराने की मांग
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सभी एसडीएमओ को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि एसआईआर के दौरान बूथ लेवल अफसरों को आकस्मिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए सभी एसडीएमओ को निर्देशित किया जाता है कि सर्किल क्षेत्र या कॉल सेंटर से कॉल आने पर अपने सर्किल में तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाएं। जय प्रकाश चिकित्सालय में कॉल सेंटर की स्थापना की जाती है। कॉल सेंटर के प्रभारी नोडल अधिकारी डॉ राजेन्द्र सुथार को नामंकित किया गया है।
