पंचायत चुनाव के लिए बदली रणनीति, सीधे मैदान में उतरेगी कांग्रेस
पहली बार प्रत्याशियों को मिलेगा पार्टी का अधिकृत समर्थन
भोपाल। लगातार चुनावी हार का सामना कर रही मध्य प्रदेश कांग्रेस अब 2028 में सत्ता में वापसी के लिए जमीनी सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी में है। पार्टी ने अपनी पुरानी रणनीति को बदलते हुए आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में सीधे तौर पर उतरने का निर्णय लिया है। अब कांग्रेस न केवल अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ाएगी, बल्कि पहली बार उन्हें सार्वजनिक और प्रत्यक्ष समर्थन भी देगी।
कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले ग्राम स्तर पर अपने संगठन को पुनर्जीवित करना है। इसके लिए प्रदेश भर में 21,478 पंचायत समितियों’’ का गठन पूरा हो चुका है। इन समितियों को ही स्थानीय स्तर पर प्रत्याशी चयन और समन्वय की कमान सौंपी गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनुसार, संगठन के सशक्तीकरण के लिए अब कार्यकर्ताओं को उनके हाल पर नहीं छोड़ा जाएगा। सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों को पार्टी बाकायदा अपना घोषित प्रत्याशी मानेगी। पटवारी ने साफ किया कि अब बैकडोर राजनीति का समय खत्म हो चुका है, पार्टी अब खुलकर मैदान में दिखेगी ताकि जनता के बीच भ्रम की स्थिति न रहे।
कार्यकर्ता में जोश भरने का प्रयास
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस का यह दांव सीधे तौर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने की कोशिश है। पार्टी का मानना है कि यदि ग्राम स्तर का कार्यकर्ता सक्रिय और चुनाव में भागीदारी वाला होगा, तो उसका सीधा लाभ आगामी विधानसभा चुनाव में संगठन की मजबूती के रूप में मिलेगा।
