पार्किंग पास की व्यवस्था बदली, सालभर के लिए एक ही कार्ड
विधानसभा भवन में गनमैन के प्रवेश पर लगी रोक
भोपाल। राज्य विधानसभा का आगामी बजट सत्र इस बार अपनी विधायी चर्चाओं के साथ-साथ अभूतपूर्व सुरक्षा और प्रशासनिक सख्ती के लिए भी जाना जाएगा। 16 फरवरी से शुरू हो रहे इस सत्र के लिए विधानसभा सचिवालय ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। परिसर को लगभग एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।
विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के निर्देशानुसार, अब विधायकों के वाहनों के लिए सत्र-वार पास बनवाने की झंझट खत्म कर दी गई है। अब साल में एक बार जारी होने वाला वार्षिक पार्किंग पास ही अनिवार्य होगा। इस पहल का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को सरल बनाना और सुरक्षा निगरानी को अधिक प्रभावी बनाना है। वहीं सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर इस बार सचिवालय ने सख्त कदम उठाया है। इसके तहत मंत्रियों और विधायकों के गनमैन, अंगरक्षक अब मुख्य भवन या सदन की लॉबी में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। उन्हें केवल गेट नंबर 3 (पार्किंग स्थल) तक ही सीमित रहना होगा। प्रत्येक विधायक के साथ केवल एक निज सहायक और एक चालक को ही वैध पास जारी किया जाएगा। किसी भी गैर-अधिकृत व्यक्ति को वाहन में बैठाकर परिसर के भीतर लाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
दर्शक दीर्घा में भी सीमित पास
आम जनता और समर्थकों के लिए भी नियम कड़े किए गए हैं। विधायकों की अनुशंसा पर सीमित संख्या में ही दर्शकों को प्रवेश मिलेगा। प्रत्येक दर्शक को केवल एक घंटे के लिए प्रवेश की अनुमति मिलेगी। विधायक अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग समय स्लॉट में अपने समर्थकों के लिए यह समय तय कर सकेंगे।
विधायकों के लिए चलेंगी एसी बसें
16 फरवरी से 6 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में विधायकों की सुविधा के लिए सचिवालय ने दो वातानुकूलित मिनी बसों का इंतजाम किया है। ये बसें विधायक विश्राम गृह से विधानसभा भवन के बीच निर्धारित समय (सुबह 10ः15 और 10ः45) पर चलेंगी। दोपहर के भोजन और सत्र समाप्ति के समय भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।
