अब दावेदारी होगी महंगी, सरकार बढ़ाने जा रही जमानत राशि
नगरीय चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रस्ताव किया तैयार
भोपाल। प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों की सुगबुगाहट के बीच अब चुनाव लड़ना पहले के मुकाबले महंगा होने जा रहा है। राज्य सरकार निकाय चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा जमा की जाने वाली जमानत राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) में बड़ी बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव पर यदि नगरीय विकास एवं आवास विभाग की मुहर लगती है, तो आगामी चुनावों में उम्मीदवारों को अपनी जेब और ढीली करनी होगी।
इस बार का चुनाव केवल आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि प्रक्रियात्मक रूप से भी खास होने वाला है। कैबिनेट के हालिया निर्णय के अनुसार, इस बार नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराया जाएगा। यानी अब पार्षदों के बजाय जनता सीधे अपने शहर की सरकार (अध्यक्ष और महापौर) को चुनेगी। जमानत राशि में वृद्धि के लिए मध्य प्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम 1994 के नियम-26 में संशोधन किया जाएगा। नियम के मुताबिक, यदि किसी प्रत्याशी को कुल वैध मतों का 6 प्रतिशत से कम वोट मिलते हैं, तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। प्रस्तावित बदलावों के बाद नई दरों को जल्द ही आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया जा सकता है।
इतनी राशि बढ़ाने का प्रस्ताव किया तैयार
नगर निगम महापौर का डिपॉजिट-20 हजार से 32 हजार रुपए, नगर पालिका अध्यक्ष-15 हजार से 24 हजार रुपए, नगर परिषद अध्यक्ष-10 हजार से 16 हजार रुपए, नगर निगम पार्षद-5 हजार से 8 हजार रुपए, नगर पालिका पार्षद-3 हजार से 4800 रुपए, नगर परिषद पार्षद-1 हजार रुपए तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
अगले साल होने है नगरीय निकाय के चुनाव
अगले साल प्रदेश में 413 नगरीय निकायों में चुनाव होना है। इनमें 16 नगर निगम, 99 नगर पालिका व 298 नगर परिषद शामिल हैं। इन सभी को मिलाकर कुल 7679 वार्डों में चुनाव होते हैं। राज्य चुनाव आयोग इसकी तैयारियों में जुटा है। राज्य चुनाव आयोग ने नगर निगम महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष के लिए जमानत राशि बढ़ाने की तैयारी की है। आयोग ने महापौर, अध्यक्ष ही नहीं बल्कि इसके अलावा पार्षद की राशि में भी इजाफा करने की तैयारी है।
