सरकार-पटवारी संघ में बनी सहमति, सोमवार से फिर शुरू होगा काम
मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद पटवारियों की मांगों पर बनी सहमति
भोपाल। प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम एक बार फिर गति पकड़ने की उम्मीद है। पटवारी संघ और राज्य सरकार के बीच मांगों को लेकर सहमति बनने के बाद संघ ने सोमवार से योजना का काम दोबारा शुरू करने का ऐलान किया है।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष उपेंद्र सिंह बघेल के मुताबिक, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सकारात्मक चर्चा के बाद पटवारियों की मांगों पर सहमति बनी है। वहीं, हरदा जिले में मुख्यमंत्री ने स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख के निष्पादन की प्रक्रिया के तहत 10 हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र वितरित किए। इससे योजना के क्रियान्वयन में तेजी आने और पात्र ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की उम्मीद बढ़ी है। बघेल ने बताया कि स्वामित्व योजना के संबंध में न्यायिक संरक्षण के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही, 17 सितंबर के बाद की सभी कार्यवाहियों को शून्य किए जाने की बात कही गई है। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद संघ ने सोमवार से योजना का काम फिर शुरू करने का निर्णय लिया है। इससे प्रदेश में लंबित रजिस्ट्री संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की संभावना है।
10 हितग्राहियों को मिले प्रमाण-पत्र
इधर, हरदा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 10 हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र सौंपे। इनमें गोंदागांव के निर्भयदास और भैयालाल सहित आठ अन्य हितग्राही शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य योजना के पात्र ग्रामीणों को उनकी भूमि के अधिकार से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी संपत्ति का उपयोग आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए कर सकें।
संपत्ति पर अधिकार से बढ़ेंगे आर्थिक अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी भूमि का कानूनी अधिकार मिल रहा है। रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र मिलने से हितग्राहियों को अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक से ऋण लेने और भूमि पर निर्माण जैसे कार्यों में सुविधा मिल सकती है। इससे ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी खुल सकते हैं।
दर्ज अभिलेखों के आधार पर होगा रजिस्ट्री का निष्पादन
योजना के तहत रजिस्ट्री का निष्पादन अधिकार अभिलेख में पहले से दर्ज जानकारी के आधार पर किया जाएगा। इस प्रक्रिया में किसी व्यक्ति के स्वामित्व का नए सिरे से निर्धारण नहीं किया जा रहा है और न ही नई जानकारी तैयार की जा रही है। सरकार का जोर पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर अधिकार संबंधी दस्तावेज सौंपने पर है। पटवारी संघ के काम पर लौटने के फैसले से इस प्रक्रिया को प्रदेशभर में आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
