बिजली बिल में फिर होगी बढ़ोतरी, फ्यूल सरचार्ज तीन गुना से ज्यादा
एक हजार के बिल पर 38 रुपए अतिरिक्त, बढ़ा फ्यूल सरचार्ज
भोपाल। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को मौजूदा बिलिंग साइकल में एक बार फिर ज्यादा भुगतान करना होगा। 24 जुलाई से 23 अगस्त के बीच बिल की गई बिजली पर फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट
सरचार्ज (एफपीपीएएस) बढ़कर 3.77 प्रतिशत हो गया है। पिछले बिलिंग साइकल में यह शुल्क 1.11 प्रतिशत था। हालांकि, दो महीने पहले लागू 5.36 प्रतिशत एफपीपीएएस की तुलना में मौजूदा दर कम है।
एफपीपीएएस में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 अप्रैल से लागू 4.8 प्रतिशत की बिजली दर वृद्धि प्रभावी है। ऐसे में मासिक फ्यूल सरचार्ज बढ़ने से उपभोक्ताओं के कुल बिजली बिल पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। 3.77 प्रतिशत एफपीपीएएस के हिसाब से 1,000 रुपये के बिजली बिल पर करीब 38 रुपये अतिरिक्त शुल्क लगेगा। पिछले बिलिंग साइकल में 1.11 प्रतिशत की दर से यह राशि करीब 11 रुपये थी। वहीं, जब एफपीपीएएस 5.36 प्रतिशत था, तब 1,000 रुपये के बिल पर करीब 54 रुपये का अतिरिक्त शुल्क बनता था।
बिजली खरीद लागत के अंतर से तय हुआ शुल्क
अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा एफपीपीएएस की गणना मई में बिजली खरीद की वास्तविक लागत और अनुमानित लागत के बीच के अंतर के आधार पर की गई है। मध्य प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के संशोधित नियमों के तहत बिजली वितरण कंपनियां नियामक से पूर्व मंजूरी लिए बिना हर महीने एफपीपीएएस लागू कर सकती हैं। इसके विपरीत, वार्षिक बिजली टैरिफ का निर्धारण पूरे वित्तीय वर्ष की अनुमानित लागत के आधार पर विद्युत नियामक आयोग अलग से करता है। पहले अनुमानित और वास्तविक ईंधन लागत के अंतर का समायोजन बाद में ट्रू-अप याचिकाओं के जरिए किया जाता था। संशोधित व्यवस्था में इस अंतर की वसूली मासिक एफपीपीएएस के माध्यम से अगले बिलिंग साइकल में की जा सकती है।
10.19 फीसदी की मांग के मुकाबले 4.8 फीसदी बढ़ा टैरिफ
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली वितरण कंपनियों ने 10.19 प्रतिशत टैरिफ बढ़ोतरी की मांग की थी। आयोग ने इसके मुकाबले 4.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी मंजूर की। वार्षिक टैरिफ में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन एफपीपीएएस के 3.77 प्रतिशत तक पहुंचने से 24 जुलाई से 23 अगस्त के बीच की बिलिंग पर उपभोक्ताओं को ईंधन समायोजन शुल्क के रूप में अतिरिक्त राशि चुकानी होगी।बिजली बिल में फिर होगी बढ़ोतरी, फ्यूल सरचार्ज तीन गुना से ज्यादा
