पदवृद्धि की मांग को लेकर आंदोलन जारी, दावा आंदोलन में शामिल होंगे राहुल गांधी
डीपीआई दफ्तर के बाहर निर्जल अनशन जारी
भोपाल। प्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन रविवार को 31वें दिन में प्रवेश कर गया। लोक शिक्षण संचालनालय कार्यालय के समक्ष जारी इस प्रदर्शन के बीच अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी के आंदोलन में शामिल होने का बड़ा दावा सामने आया है, जिससे इस आंदोलन को नया राजनीतिक मोड़ मिलता दिख रहा है।
मांग पूरी न होने पर निर्जल अनशन पर बैठे अभ्यर्थी नरेंद्र राजपूत ने दावा किया है कि राहुल गांधी की टीम से उनकी सीधी बातचीत हुई है और उन्होंने भोपाल पहुंचकर आंदोलन स्थल पर अभ्यर्थियों से मुलाकात की पुष्टि की है। अभ्यर्थियों का स्पष्ट कहना है कि उनका प्रदर्शन केवल सीमित पदों के कारण रुकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और अतिरिक्त पद जोड़कर एक और काउंसलिंग आयोजित कराने के लिए है। अच्छे परसेंटाइल और बेहतर रैंक हासिल करने के बावजूद हजारों योग्य अभ्यर्थी अंतिम चयन सूची से बाहर हो गए हैं। अपनी बात को मजबूती से रखते हुए अभ्यर्थियों ने उत्तर प्रदेश और राजस्थान की शिक्षक भर्तियों का उदाहरण दिया, जहाँ अभ्यर्थियों के हित में पद बढ़ाए गए थे।
प्रदर्शनकारियों का सवाल है कि जब पड़ोसी राज्यों में अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जा सकते हैं, तो मध्यप्रदेश सरकार इस पर स्पष्ट रुख क्यों नहीं अपना रही? अनशन पर बैठे नरेंद्र राजपूत ने अपनी स्थिति साझा करते हुए बताया कि 5427 रैंक लाने के बावजूद वे चयन से वंचित हैं, जबकि 3631 रैंक तक के अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिल सकी है। इसी बड़े अंतर को पाटने के लिए पदों में वृद्धि बेहद जरूरी है।
उल्लेखनीय है कि इस गतिरोध को सुलझाने के लिए अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल डीपीआई आयुक्त से मुलाकात कर ज्ञापन सौंप चुका है। अधिकारियों द्वारा सकारात्मक विचार करने के आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों ने कुछ समय तक फैसले की प्रतीक्षा भी की। हालांकि, कोई ठोस कार्रवाई न होने पर अभ्यर्थी डीपीआई कार्यालय के बाहर डटने को मजबूर हो गए।
