सागर जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच के आदेश, 16 मौतों की आधिकारिक पुष्टि 30 का दावा
भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने सागर जिले में इस महीने की शुरुआत में सामने आए जहरीली शराब कांड की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है. मंगलवार को जारी सरकारी आदेश के अनुसार हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विष्णु प्रताप सिंह चौहान इस पूरे मामले की जांच करेंगे. आयोग अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों और बीमारियों के कारणों तथा उनसे जुड़ी परिस्थितियों की पड़ताल करेगा. साथ ही क्षेत्र में आबकारी, पुलिस और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तथा लापरवाही की भी जांच की जाएगी.
सरकार ने आयोग को भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक उपाय सुझाने की जिम्मेदारी भी दी है. सेवानिवृत्त न्यायाधीश विष्णु प्रताप सिंह चौहान को अपनी जांच रिपोर्ट तीन महीने के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.
सरकारी आंकड़े में 16 मौतें, स्थानीय लोगों का दावा 30 से ज्यादा
सागर जिले की बंडा तहसील में जहरीली शराब से हुई मौतों को लेकर आधिकारिक आंकड़ा और स्थानीय स्तर पर सामने आ रहे दावे अलग-अलग हैं. सरकारी तौर पर इस त्रासदी में अब तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है. वहीं बांदा तहसील के स्थानीय लोगों का दावा है कि अब तक कम से कम 30 लोगों की जान जा चुकी है.
मौतों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी देवेश पटेरिया ने बताया कि अधिकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहे हैं. इन रिपोर्टों के आधार पर मौतों से संबंधित स्थिति को और स्पष्ट किया जा सकेगा.
102 मरीज अस्पताल पहुंचे, 75 को आंखों में परेशानी
6 सितंबर को बांदा में हुई घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 102 मरीजों में से 75 मरीजों में आंखों से संबंधित जटिलताएं सामने आईं.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी देवेश पाटेरिया के अनुसार चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि मिथाइल अल्कोहल के सेवन से शरीर में फॉर्मिक एसिड बनता है. इसके कारण ऑप्टिक नर्व में अक्षीय चोट यानी सूजन हो सकती है. उन्होंने बताया कि यह स्थिति सामान्य तौर पर तीन से छह सप्ताह की अवधि में ठीक हो जाती है.
22 मरीजों की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई थी
घटना के बाद 22 प्रभावित मरीजों की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई थी. इन सभी मरीजों को मिथाइल प्रेडनिसोलोन थेरेपी दी गई. उपचार के बाद इनमें से 17 मरीजों की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.
बाकी पांच मरीजों का उपचार विशेषज्ञों और चिकित्सकों की निगरानी में जारी है. अधिकारियों के अनुसार इन मरीजों के स्वास्थ्य में भी सुधार की उम्मीद है. जहरीली शराब के सेवन के बाद बड़ी संख्या में लोगों में आंखों से जुड़ी गंभीर समस्या सामने आने से घटना की गंभीरता और बढ़ गई.
न्यायिक आयोग आबकारी और पुलिस की भूमिका भी जांचेगा
राज्य सरकार द्वारा गठित एक सदस्यीय न्यायिक आयोग केवल मौतों और बीमारियों के कारणों तक सीमित नहीं रहेगा. सरकारी आदेश के मुताबिक आयोग यह भी जांच करेगा कि इस घटना में आबकारी विभाग, पुलिस और क्षेत्र के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की क्या भूमिका रही और कहीं उनकी ओर से कोई लापरवाही तो नहीं हुई.
जांच के दौरान घटना की परिस्थितियों और अवैध शराब से हुई मौतों तथा बीमारियों से जुड़े कारणों की पड़ताल की जाएगी. आयोग भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदमों का प्रस्ताव भी देगा. सरकार ने आयोग को तीन महीने के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की
इस बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एक टीम ने मंगलवार को सागर पहुंचकर पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात की. टीम ने मामले में पुलिस को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए. पीटीआई के अनुसार राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बताया कि टीम ने पुलिस से पीड़ितों के परिजनों के बयान तत्काल दर्ज करने को कहा.
कुछ परिजनों ने टीम को बताया था कि उनके बयान अब तक दर्ज नहीं किए गए हैं. इसके बाद आयोग की टीम ने पुलिस को इस संबंध में तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए.
मुख्य आरोपित रवि लखेड़ा मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
जहरीली शराब मामले के मुख्य आरोपित रवि लखेड़ा को पुलिस ने शुक्रवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था. उस पर 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान लखेड़ा के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया.
सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि बरायठा पुलिस को सूचना मिली थी कि रवि लखेड़ा बांदा-बरायठा मार्ग पर हनुमान टोंग मंदिर के पास छिपा हुआ है. सूचना के आधार पर बांदा थाना प्रभारी आनंद सिंह और बरायठा थाना प्रभारी अरविंद सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने जंगल क्षेत्र की घेराबंदी की.
पुलिस पर तीन राउंड फायरिंग का आरोप
पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के मुताबिक पुलिस द्वारा सामना किए जाने पर लखेड़ा ने पुलिसकर्मियों पर कम से कम तीन राउंड फायर किए. इसके जवाब में पुलिस अधिकारियों ने भी गोली चलाई, जिसमें लखेड़ा के पैर में चोट लगी. इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.
पुलिस के अनुसार रवि लखेड़ा के खिलाफ पहले से 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसकी गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है.
19 गिरफ्तार, कम से कम 30 आरोपी फरार
पुलिस के मुताबिक जहरीली शराब मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं कम से कम 30 लोग अभी फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस फरार आरोपितों की तलाश में जुटी है.
जहरीली शराब कांड में एक तरफ मौतों और बीमारियों की वास्तविक संख्या को लेकर जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर पुलिस अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े आरोपितों की तलाश कर रही है. अब राज्य सरकार द्वारा गठित एक सदस्यीय न्यायिक आयोग की जांच से घटना के कारणों, परिस्थितियों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी स्थिति सामने आने की उम्मीद है.
आयोग की रिपोर्ट तीन महीने में प्रस्तुत की जानी है. इसके साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मरीजों के उपचार से जुड़ी जानकारी और पुलिस जांच के आधार पर सागर की बंडा तहसील में हुई इस त्रासदी की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
