सब्सिडी के सहारे बढ़े कदम, दो-पहिया वाहनों ने मारी बाजी
ई-व्हीकल्स में इंदौर अव्वल, जबलपुर दूसरे और भोपाल चौथे स्थान पर
भोपाल। प्रदेश में पर्यावरण अनुकूल परिवहन (ग्रीन मोबिलिटी) की ओर आम जनता के कदम अब तेजी से आगे बढ़ने लगे हैं। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और प्रोत्साहनों के बूते सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में उछाल देखा जा रहा है। पिछले एक साल (वित्त वर्ष 2025-26) में प्रदेश में कुल 88,209 पंजीकृत ई-वाहनों को सरकारी सब्सिडी का सीधा लाभ मिला है। इस ई-क्रांति में सबसे बड़ी बाजी दो-पहिया वाहनों ने मारी है, जिनका कुल बिक्री और पंजीकरण में 92 प्रतिशत से अधिक का दबदबा रहा।
महानगरों की बात करें तो व्यावसायिक राजधानी इंदौर 12,840 वाहनों के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है, जबकि संस्कारधानी जबलपुर दूसरे और राजधानी भोपाल चौथे स्थान पर रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर ग्राहकों को आकर्षित करने में फेम इंडिया स्कीम (द्वितीय चरण) का अहम योगदान रहा है। सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2024 तक पांच वर्षों में 11,500 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया, जिसके तहत देशभर में 16.72 लाख ई-दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में सहायता दी गई। इसी योजना के बल पर मध्य प्रदेश में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 81,840 ई-दोपहिया और 6,369 ई-तिपहिया वाहनों को सब्सिडी प्रदान की गई। दैनिक आवाजाही के लिए पेट्रोल के विकल्प के रूप में ई-स्कूटर और ई-बाइक लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं।
महानगरों का रहा दबदबा
प्रदेश के बड़े शहरों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और जागरूकता के चलते ई-वाहनों की खपत सबसे ज्यादा देखी गई है। इंदौर (नंबर-1) में कुल 12,840 ई-वाहन (11,347 दो-पहिया और 1,493 तीन-पहिया) के साथ इंदौर पूरे प्रदेश में शीर्ष पर है। ग्वालियर (नंबर-2) में कुल 9,476 ई-वाहन (8,987 दो-पहिया और 489 तीन-पहिया) के साथ ग्वालियर दूसरे स्थान पर है। जबलपुर (नंबर-3) तके कुल 7,913 ई-वाहन (6,905 दो-पहिया और 1,008 तीन-पहिया) पंजीकृत कर जबलपुर दूसरे स्थान पर रहा। वहीं राजधानी राजधानी भोपाल में कुल 6,622 ई-वाहन (6,509 दो-पहिया और 113 तीन-पहिया) सड़कों पर उतरे, जिससे यह चौथे स्थान पर खिसक गई।
छिंदवाड़ा और कटनी में भी बढ़ा रुझान
बड़े शहरों के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों में भी ई-वाहनों की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। छिंदवाड़ा में 2,606 दो-पहिया और 77 तिपहिया वाहनों के साथ कुल 2,683 ई-वाहन दर्ज हुए। कटनी में 757 दो-पहिया और 567 तिपहिया वाहनों के साथ कुल 1,324 ई-वाहन, बैतूल में कुल 1,043 ई-वाहन (1,023 दो-पहिया, 20 तिपहिया), सिवनी में कुल 1,039 ई-वाहन (1,020 दो-पहिया, 19 तिपहिया), बालाघाट में कुल 785 ई-वाहन (772 दो-पहिया, 13 तिपहिया), मंडला जिले में कुल 304 ई-वाहन (280 दो-पहिया, 24 तिपहिया) और पांढुर्णा नवगठित जिले में 12 ई-दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए, जबकि यहां अभी तक एक भी सब्सिडी प्राप्त ई-तिपहिया वाहन का खाता नहीं खुला है।
