एनएसयूआई के 21 जिला अध्यक्षों ने बनाई प्रदर्शन से दूरी
सिवनी, बैतूल सहित एनएसयूआई के अन्य जिला अध्यक्षों को दिए नोटिस
भोपाल। कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश के बावजूद राज्यसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के विरोध में प्रदर्शन न करने पर एनएसयूआई (एनएसयूआई) के 21 जिला अध्यक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल, 16 जून को प्रदेशभर के सभी जिलों में पुतला दहन का कार्यक्रम तय किया गया था, जिसकी सूचना सोशल मीडिया और संगठनात्मक ग्रुप्स पर पहले ही दे दी गई थी। इसके बावजूद ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, महाकौशल और मालवा-निमाड़ सहित 21 जिलों में यह आंदोलन नहीं हुआ। एनएसयूआई के कार्यालय सचिव घनश्याम हारोड़े द्वारा जारी नोटिस में इसे घोर लापरवाही और संगठनात्मक निर्देशों की अनदेखी माना गया है। सभी जिला अध्यक्षों को तीन दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर उन्हें पद से हटाने जैसी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिन प्रमुख जिलों के अध्यक्षों को नोटिस मिला है उनमें मुरैना, दतिया, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, सीधी, कटनी, नरसिंहपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी, बैतूल, देवास, उज्जैन, शाजापुर, नीमच, इंदौर, खरगोन, बड़वानी और अलीराजपुर सहित कई जिले शामिल हैं।
कार्यकर्ता सड़क पर उतरने को तैयार नहीं
इस अंदरूनी खींचतान पर तंज कसते हुए भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि यह नोटिस कांग्रेस की इस बात की स्वीकारोक्ति है कि उसके युवा कार्यकर्ता अब नेतृत्व के आह्वान पर सड़क पर उतरने को तैयार नहीं हैं। जिस दल को आंदोलन के लिए भी अपने ही कार्यकर्ताओं को नोटिस देना पड़े, वह जनता का विश्वास कभी नहीं जीत सकती।
