धान घोटाले की जांच के लिए बनाई कमेटी, सात दिन में देगी रिपोर्ट
भोपाल। बीते साल धान खरीदी में घोटाले की बात सामने आई तो सरकार ने अब उसकी जांच के लिए एक कमेटी बना दी। यह कमेटी सात दिनों में जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी। गड़बड़ी करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराने की बात कही गई है। इतना ही नहीं गड़बड़ी करने वाले मीलर को धान के नए डिलेवरी आर्डर भी नहीं दिए जाएंगे।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन तथा अन्तर जिला, जिले में उपार्जन केन्द्रों से दी गई धान के सत्यापन एवं अन्य शिकायतों की जांच के लिये जांच दल गठित कर कार्यवाही करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये गये हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने विस्तृत जांच के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि 7 दिन के अंदर विस्तृत जांच कराएं।
जांच दल में ये अधिकारी रहेंगे शामिल
जांच दल के अध्यक्ष कलेक्टर द्वारा नामांकित अपर, संयुक्त, डिप्टी कलेक्टर होंगे। जिला आपूर्ति नियंत्रक, खाद्य अधिकारी संयोजक होंगे। उप, सहायक आयुक्त सहकारिता, महाप्रबंधक जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन और जिला प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स कार्पोरेशन सदस्य होंगे।
सात प्रकरणों में एफआईआर दर्ज
धान उपार्जन वर्ष 2024-25 अभी तक प्राप्त अनियमित्ताओं की जांच के बाद 13 करोड़ 37 लाख 99 हजार शार्टेज की राशि वसूल की गई है। शेष 14 करोड़ 16 लाख रूपये की वसूली की कार्यवाही की जा रही है। कुल 7 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जबलपुर जिले में 5, रीवा और मैहर जिले में 1-1 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
इन बिंदुओं पर की जाएगी जांच
गोदामों में धान कम मात्रा में जमा होने के कारणों की जांच कराई जायें एवं संबंधित उपार्जन समिति, परिवहनकर्ता आदि से शार्टेज मात्रा की वसूली कर संबंधित किसानों को भुगतान किया जाएं। उपार्जन केन्द्रों पर धान की शार्टेज मात्रा की प्रतिपूर्ति बाजार एवं अन्य माध्यमों से कदापि नहीं कराई जाये। उपार्जन केन्द्रों से धान परिवहन के लिये मिलर्स द्वारा उपयोग किये गये वाहन, परिवहन दिनांक एवं मात्रा की जानकारी सीएसएमएस पोर्टल पर उपलब्ध है। इससे धान परिवहन करने वाले वाहनों का विवरण प्राप्त किया जाए। उपार्जन केन्द्र से उठाई गई धान परिवहन में उपयोग किये गये वाहनों की ट्रेकिंग एवं डाटा जिले से एवं टोल नाकों से प्राप्त करें। जिला परिवहन अधिकारी के माध्यम से धान परिवहन में उपयोग किये गये वाहनों की श्रेणी, प्रकार और लोडिंग क्षमता की जानकारी प्राप्त करें।
