मांगे मनवाने कर्मचारियों ने मंत्रालय पर किया सुंदरकांड का पाठ
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भोपाल। कर्मचारियों ने अपनी मांगे मनवाने के लिए आज मंगलवार को मंत्रालय पर सुंदरकांड का पाठ किया। कर्मचारी मंत्रालय के एक नंबर गेट के करीब स्थित मंदिर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का अखंड पाठ शुरू किया।
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक अपने साथियों के साथ सिर पर रामचरित मानस लेकर मंदिर पहुंचे। यहां भगवान और पोथी की पूजा-अर्चना के बाद संगीतमय पाठ शुरू हुआ। नायक ने बताया कि पदोन्नति सहित कई मांगें हैं, जिन्हें सरकार सुनने को तैयार नहीं है। जब शासन और सरकार स्तर पर किसी ने सुनवाई नहीं की, तब भगवान की शरण में आए हैं। हम अपनी व्यथा भगवान को सुना रहे हैं, ताकि वे निर्णय लेने वालों को सद्बुद्धि दें। कर्मचारियों ने पूजा-अर्चना के साथ ही अपनी मांगों का पत्र भगवान को सौंपा और रामधुन शुरू की। रामधुन शुरू होने के साथ ही आयोजन स्थल पर कर्मचारियों की भीड़ बढ़ने लगी है।
बता दें कि संघ के सदस्य दयानंद उपाध्याय ने 101 सुंदरकांड की पुस्तकें उपलब्ध कराई हैं, जो यहां आने वालों को पाठ करने के लिए दी जा रही हैं। संघ के पदाधिकारी पिछले आठ दिन से विभागवार जाकर कर्मचारियों को इस प्रदर्शन के लिए जागरुक कर रहे थे। पहली बार मंत्रालयीन अधिकारी, कर्मचारी, आउटसोर्स कर्मचारी, स्थायी कर्मी और आकस्मिकता निधि के कर्मचारी एक साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि छोटे कार्यालयों को चौथा समयमान मिल गया है, लेकिन प्रदेश के सर्वोच्च कार्यालय को यह सुविधा अभी तक नहीं मिली है।
मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक अपने साथियों के साथ सिर पर रामचरित मानस लेकर मंदिर पहुंचे। यहां भगवान और पोथी की पूजा-अर्चना के बाद संगीतमय पाठ शुरू हुआ। नायक ने बताया कि पदोन्नति सहित कई मांगें हैं, जिन्हें सरकार सुनने को तैयार नहीं है। जब शासन और सरकार स्तर पर किसी ने सुनवाई नहीं की, तब भगवान की शरण में आए हैं। हम अपनी व्यथा भगवान को सुना रहे हैं, ताकि वे निर्णय लेने वालों को सद्बुद्धि दें। कर्मचारियों ने पूजा-अर्चना के साथ ही अपनी मांगों का पत्र भगवान को सौंपा और रामधुन शुरू की। रामधुन शुरू होने के साथ ही आयोजन स्थल पर कर्मचारियों की भीड़ बढ़ने लगी है।
बता दें कि संघ के सदस्य दयानंद उपाध्याय ने 101 सुंदरकांड की पुस्तकें उपलब्ध कराई हैं, जो यहां आने वालों को पाठ करने के लिए दी जा रही हैं। संघ के पदाधिकारी पिछले आठ दिन से विभागवार जाकर कर्मचारियों को इस प्रदर्शन के लिए जागरुक कर रहे थे। पहली बार मंत्रालयीन अधिकारी, कर्मचारी, आउटसोर्स कर्मचारी, स्थायी कर्मी और आकस्मिकता निधि के कर्मचारी एक साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि छोटे कार्यालयों को चौथा समयमान मिल गया है, लेकिन प्रदेश के सर्वोच्च कार्यालय को यह सुविधा अभी तक नहीं मिली है।
