डॉक्टरों की मांगों पर गंभीरता से विचार करे सरकार
भोपाल। प्रदेश के सरकारी डॉक्टरों ने आगामी 24 और 25 फरवरी को सरकार के खिलाफ लामबंद होने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से मांग की है कि इस पर गंभीरता से विचार कर सही निर्णय लिया जाए।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि डॉक्टरों की हड़ताल सरकार के लिए चेतावनी। प्रदेश के सभी जिलों के 15 हजार सरकारी डॉक्टर ने 24 और 25 फरवरी को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की चेतावनी दी है। प्रदेश सरकार को चाहिए कि डॉक्टर की मांगों पर गंभीरता से विचार करके सही निर्णय ले। सिंघार ने आगे लिखा कि डॉक्टर्स की हड़ताल से जनजीवन प्रभावित होता है और लोगों को परेशानी होती है। उनकी मांगों में प्रशासनिक दखलंदाजी वाले मुद्दे को और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल समझें कि इसका मंतव्य क्या है? सरकार के लिए डॉक्टर्स की हड़ताल एक चुनौती है, इसे तत्परता से हल किया जाए।
बड़े स्तर पर आंदोलन कर सकते हैं डॉक्टर
प्रदेश के डॉक्टर 20 और 21 फरवरी को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। 22 फरवरी को आधे घंटे के लिए प्रदेशभर में इमरजेंसी छोड़कर डॉक्टर ड्यूटी नहीं करेंगे। वहीं 23, 24 और 25 फरवरी को डॉक्टर इमरजेंसी ड्यूटी करेंगे। मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की तो बड़े स्तर पर हड़ताल होगी।
