सिंहस्थ में व्यवस्थाओं के संचालन में होगा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग
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भोपाल। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 में व्यवस्थाओं के संचालन में सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस जैसी तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
सिंहस्थ-2028 को श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभूति बनाने के उद्देश्य से आवागमन, पार्किंग, स्नान, भीड़ प्रबंधन, आवास, स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सा सुविधा, अपशिष्ट प्रबंधन सहित सभी पहलुओं के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के लिए सरकार ने अभी से व्यवस्थाएं करनी शुरू कर दी है। व्यवस्थाओं के संचालन में सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित सभी अद्यतन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। आईआईटी एल्यूमिनाए कॉउंसिल के सतीश मेहता द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से संचालित सोलर गोल्फ कार्ट, इलेक्ट्रिक मिनी बसों और 9 मीटर लंबी बसों से श्रद्धालुओं के आवागमन संबंधी प्रस्ताव भी रखा गया है। उनके प्रस्ताव अनुसार देवास, इंदौर और ओंकारेश्वर से उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में शहरी क्षेत्र में प्रायोगिक रूप से इस व्यवस्था के संचालन किया जाएगा।
सिंहस्थ-2028 को श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभूति बनाने के उद्देश्य से आवागमन, पार्किंग, स्नान, भीड़ प्रबंधन, आवास, स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सा सुविधा, अपशिष्ट प्रबंधन सहित सभी पहलुओं के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के लिए सरकार ने अभी से व्यवस्थाएं करनी शुरू कर दी है। व्यवस्थाओं के संचालन में सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सहित सभी अद्यतन तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। आईआईटी एल्यूमिनाए कॉउंसिल के सतीश मेहता द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से संचालित सोलर गोल्फ कार्ट, इलेक्ट्रिक मिनी बसों और 9 मीटर लंबी बसों से श्रद्धालुओं के आवागमन संबंधी प्रस्ताव भी रखा गया है। उनके प्रस्ताव अनुसार देवास, इंदौर और ओंकारेश्वर से उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में शहरी क्षेत्र में प्रायोगिक रूप से इस व्यवस्था के संचालन किया जाएगा।
