रेंजर की करोड़ों की संपत्ति को जब्त किया ईडी ने
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भोपाल। प्रदेश के खंडवा में वन विभाग के रेंजर की करोड़ों रुपये की दो संपत्तियों को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में जब्त कर लिया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। हरिशंकर गुर्जर की जब्त की गई संपत्तियां मीनल रेजीडेंसी, भोपाल में स्थित दो स्वतंत्र घरों के रूप में हैं।
ईडी ने लोकायुक्त पुलिस, भोपाल द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और आईपीसी, 1860 के तहत हरिशंकर और उनकी पत्नी सीमा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। इस एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच के दौरान, ईडी ने पाया कि धोखाधड़ी की गतिविधियों से प्राप्त आय को विभिन्न अचल संपत्तियों में बदल दिया गया था। इन संपत्तियों को पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत अनंतिम रूप से कुर्क किया गया था, और बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी, पीएमएलए द्वारा पुष्टि की गई थी। इसके बाद, विशेष न्यायालय, पीएमएलए, भोपाल ने पीएमएलए के तहत मुकदमा चलाने के बाद, अपने आदेश 29 अपै्रल 2023 के माध्यम से हरिशंकर गुर्जर और सीमा गुर्जर को दोषी ठहराया और उन्हें तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और कुर्क की गई संपत्तियों को जब्त करने का भी आदेश दिया। इसके बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और उसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 15 जनवरी, 2025 के अपने आदेश के माध्यम से जब्ती आदेश को बरकरार रखा, जिसमें हाल ही में जब्त की गई दो संपत्तियां भी शामिल हैं।
ईडी ने लोकायुक्त पुलिस, भोपाल द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 और आईपीसी, 1860 के तहत हरिशंकर और उनकी पत्नी सीमा के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। इस एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच के दौरान, ईडी ने पाया कि धोखाधड़ी की गतिविधियों से प्राप्त आय को विभिन्न अचल संपत्तियों में बदल दिया गया था। इन संपत्तियों को पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत अनंतिम रूप से कुर्क किया गया था, और बाद में एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी, पीएमएलए द्वारा पुष्टि की गई थी। इसके बाद, विशेष न्यायालय, पीएमएलए, भोपाल ने पीएमएलए के तहत मुकदमा चलाने के बाद, अपने आदेश 29 अपै्रल 2023 के माध्यम से हरिशंकर गुर्जर और सीमा गुर्जर को दोषी ठहराया और उन्हें तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और कुर्क की गई संपत्तियों को जब्त करने का भी आदेश दिया। इसके बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय और उसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने 15 जनवरी, 2025 के अपने आदेश के माध्यम से जब्ती आदेश को बरकरार रखा, जिसमें हाल ही में जब्त की गई दो संपत्तियां भी शामिल हैं।
