पुरानी पेंशन बहाली की मांग, संभाग स्तर पर होंगे सम्मेलन
भोपाल। भोपाल के गांधी भवन में नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन संगठन का संभागीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में संगठन ने केंद्र सरकार की यूनिफाइड पेंशन स्कीम को खारिज करते हुए पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष परमानंद डेहरिया की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक, कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार पटेल और सेमी गवर्नमेंट एम्प्लाइज एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष अनिल बाजपेई समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। संगठन ने दावा किया कि उनके एक दशक के राष्ट्रव्यापी आंदोलन के कारण ही पुरानी पेंशन का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठा है और इसका असर चुनाव परिणामों पर भी दिख रहा है। सम्मेलन में भोपाल संभाग के सभी जिला अध्यक्षों और विभागीय समितियों के प्रमुखों के साथ बड़ी संख्या में न्यू पेंशन स्कीम से प्रभावित कर्मचारी शामिल हुए। संगठन ने घोषणा की कि सभी संभागीय मुख्यालयों पर इसी तरह के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, जिसके बाद प्रांतीय स्तर का बड़ा सम्मेलन बुलाया जाएगा। दरअसल पुरानी पेंशन बहाली एक मानवीय मुद्दा है। तीस चालीस वर्ष सेवा कराने के बाद किसी परिवार को आर्थिक सुरक्षा दिए बिना अपने हाल पर छोड़ देना एक सुसंस्कृत समाज में मान्य नहीं होना चाहिए।
मंत्री से मिलेगा पंचायत चौकीदार संघ
ग्राम पंचायत के चौकीदार और योग प्रशिक्षकों का न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर आंदोलन तेज होने जा रहा है। पंचायत चौकीदार संघ के पदाधिकारी 18 फरवरी को संगठन के अध्यक्ष राजभान रावत के नेतृत्व में पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात करेंगे। इसी दिन योग प्रशिक्षक संगठन की अध्यक्ष गायत्री जायसवाल के नेतृत्व में प्रशिक्षक आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार से मिलेंगे। विशेष बात यह है कि 26 जनवरी की दिल्ली परेड में शामिल हुए वो योग प्रशिक्षक भी इस मुलाकात में शामिल होंगे, जिनका सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। वर्तमान में इन प्रशिक्षकों को मात्र 3-4 हजार रुपए मासिक वेतन मिल रहा है, जिससे वे भुखमरी की स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं।
