मासूमों की जान जोखिम में डालने वाले स्कूल वैन चालक पर कार्रवाई
चालक को किया गिरफ्तार, स्कूल संचालक के खिलाफ भी मामला दर्ज
भोपाल। उफनते जलभराव के बीच मासूम स्कूली बच्चों की जिंदगी दांव पर लगाने वाली लापरवाही पर प्रदेश सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। देवास के रेलवे अंडरपास में लगे पुलिस बैरिकेड हटाकर वैन पानी में उतारने वाले सिरफिरे चालक और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखने वाले स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कड़े तेवरों के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने वैन चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि स्कूल संचालक के खिलाफ भी वैधानिक धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
घटना 25 अगस्त की है, जब देवास के सिविल लाइन क्षेत्र स्थित रेलवे अंडरब्रिज में मूसलाधार बारिश के चलते भारी जलभराव हो गया था। पुलिस ने एहतियात के तौर पर स्टॉपर लगाकर रास्ता बंद कर दिया था। इसके बावजूद सिटी कॉन्वेंट स्कूल के मैजिक चालक ने मनमानी करते हुए बैरिकेड हटा दिए और वैन को गहरे पानी में घुसा दिया। बीच पानी में वैन बंद होते ही चालक बच्चों को बेसहारा छोड़कर मौके से फरार हो गया। गनीमत रही कि स्थानीय नागरिकों, डायल-112 और सिविल लाइन थाना पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और रस्सी के सहारे सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
स्कूल संचालक भी घेरे में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। इसके बाद देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह और पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देश पर त्वरित कानूनी शिकंजा कसा गया आरोपी चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 281, 285 और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस (अपराध क्र. 465/2026) दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया और वैन जब्त कर ली गई। चालकों के चरित्र सत्यापन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर स्कूल संचालक के विरुद्ध बीएनएस की धारा 223 के तहत प्रकरण (अपराध क्र. 467/2026) कायम किया गया है।
नियमों की अनदेखी पर होगी सीधी कार्रवाई
घटना के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने जिले के सभी स्कूल प्रबंधकों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वाहनों की फिटनेस, परमिट और ड्राइवरों का पुलिस वेरिफिकेशन हर हाल में पूरा होना चाहिए। इसके अलावा, बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों या पुल-पुलियों से वाहन न ले जाने की सख्त ताकीद दी गई है। आदेश का उल्लंघन करने पर सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
