कांवड़ यात्रियों को हर 20 किलोमीटर पर मिलेगा भोजन
पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने की कार्यवाही होगी तेज
भोपाल। पवित्र सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में कांवड़ यात्रियों के लिए यात्रा मार्ग पर हर 15 से 20 किलोमीटर के अंतराल पर भोजन-प्रसादी और सुविधा केंद्रों की व्यवस्था की जाएगी। इन व्यवस्थाओं में सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं के सहयोग और जनभागीदारी को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा।
मंत्रालय में मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह निर्देश जारी किए। बैठक में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि भगोरिया मध्य प्रदेश का एक विलक्षण और पारंपरिक उत्सव है। अगले वर्ष आयोजित होने वाले भगोरिया की तिथियों को अभी से अंतिम रूप देकर राष्ट्रीय स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर सर्वसुविधायुक्त मार्ग सुविधा केंद्र विकसित किए जाएंगे। इनके साथ हॉस्पिटल, ट्रामा सेंटर, पेट्रोल पंप और ईवी चार्जिंग स्टेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इन सुविधाओं का संचालन पीपीपी मोड पर करने पर विचार किया जा रहा है।
बड़े शहरों में विकसित किए जाएंगे आधुनिक कन्वेंशन सेंटर
राज्य में पर्यटन को पूर्ण रूप से उद्योग का दर्जा देने की कार्यवाही तेज गति से जारी है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के सभी बड़े शहरों में निजी निवेश को बढ़ावा देकर आधुनिक कन्वेंशन सेंटर विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आस्था से जुड़े सभी धार्मिक स्थलों तक आवागमन के सुगम साधन और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
