कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की दतिया कलेक्टर-एसपी को हटाने की मांग
भोपालं चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन और प्रशासनिक पक्षपात को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने दतिया जिले के शीर्ष प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों पर सत्ताधारी दल के इशारे पर काम करने का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए भारत निर्वाचन आयोग का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी का स्पष्ट कहना है कि दतिया में वर्तमान अधिकारियों के रहते स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं, इसलिए आयोग को तत्काल हस्तक्षेप कर व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए
निर्वाचन आयोग को सौंपी गई आधिकारिक शिकायत में कांग्रेस ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने केंद्रीय चुनाव पर्यवेक्षक विजय भारती, दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल पर कांग्रेस नेताओं के फोन न उठाने और शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। शिकायत के मुताबिक, जिन पुलिस अधिकारियों का प्रशासनिक आधार पर तबादला हो चुका है, उन्हें भी चुनाव ड्यूटी में लगाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है। प्रचार थमने के बाद भी भाजपा से जुड़े बाहरी लोग ग्रामीण इलाकों में डेरा डाले हुए हैं और मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने मांग की है कि आचार संहिता के नियमों की अवहेलना करने वाले पक्षपाती अधिकारियों पर तुरंत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए, दतिया में चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तटस्थ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाए, ग्रामीण क्षेत्रों की सघन चेकिंग कराकर अवैध रूप से ठहरे बाहरी लोगों को तत्काल जिले की सीमा से बाहर किया जाए और क्षेत्र में डर का माहौल खत्म कर आम मतदाताओं के लिए सुरक्षात्मक और स्वतंत्र वातावरण निर्मित किया जाए।
