जमीनी अनुभवों से संवरेगा बचपन, आंगनवाड़ियों को बनाएंगे हाई-टेक और प्रभावी
मैदानी कार्यकर्ताओं के सुझावों पर बनेंगी नीतियां, 90 फीसदी कार्यकर्ता उच्च शिक्षित
भोपाल। प्रदेश में आंगनवाड़ी सेवाओं को अधिक व्यावहारिक, आधुनिक और परिणामकारक बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय विचार-मंथन कार्यशाला का आयोजन किया। इस मंथन में प्रदेश के विभिन्न संभागों से आई नवाचारी और सक्रिय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने मैदानी अनुभव तथा व्यावहारिक सुझाव साझा किए। कार्यशाला को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास आयुक्त निधि निवेदिता ने स्पष्ट किया कि विभाग की आगामी नीतियां, प्रशिक्षण व्यवस्था, डिजिटल संसाधन और सेवा सुधार अब सीधे जमीनी अनुभवों के आधार पर तय किए जाएंगे।
आयुक्त निधि निवेदिता ने बताया कि इस कार्यशाला में शामिल लगभग 90 प्रतिशत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता उच्च शिक्षित हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक सोच और दक्ष मानव संसाधन के बल पर मध्यप्रदेश की आंगनवाड़ी व्यवस्था बदलाव के एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। मैदानी कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए गुणवत्तापूर्ण और व्यावहारिक सुझाव ही भविष्य की नीतियों तथा सुधारात्मक कदमों का मुख्य आधार बनेंगे।
डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षण मॉड्यूल में बड़ा बदलाव
आयुक्त के अनुसार यह मंथन केवल औपचारिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य मैदानी चुनौतियों, स्थानीय नवाचारों और सेवा प्रदायगी की व्यावहारिक समस्याओं को गहराई से समझना है। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखकर भविष्य के प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाएंगे, डिजिटल संसाधनों को और अधिक सुगम व बेहतर बनाया जाएगा, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को व्यावहारिक रूप दिया जाएगा, सेवा प्रदायगी प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाया जाएगा।
सफल लोकल मॉडल पूरे प्रदेश में होंगे लागू
कार्यशाला के दौरान आयुक्त ने घोषणा की कि अलग-अलग जिलों में कार्यकर्ताओं द्वारा विकसित की गई सफल कार्यप्रणालियों और नवाचारों का संकलन किया जाएगा। इसके बाद इन्हें आदर्श मॉडल के रूप में पूरे मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि प्रदेश के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को बाल-अनुकूल, स्वच्छ, सुरक्षित, सीखने योग्य और समुदाय-केंद्रित बनाया जाए, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, बेहतर पोषण और समग्र विकास के लिए आदर्श वातावरण मिल सके।
