मकान सूचीकरण में रायसेन प्रदेश में आगे, मकान गणना का कार्य हुआ पूरा
प्रदेश में अब तक 1.84 करोड़ मकानों की गणना पूरी
भोपाल। प्रदेश में डिजिटल इंडिया की झलक अब घर-घर पहुंच रही है। जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। 1 मई से शुरू हुआ यह अभियान 30 मई तक चलेगा, जिसमें आधुनिक तकनीक का उपयोग कर डेटा संकलन को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाया जा रहा है।
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल होना है। प्रदेश भर में तैनात प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से घर-घर जाकर मकानों, परिवारों और अन्य ढांचागत संरचनाओं की जानकारी दर्ज कर रहे हैं। इस डिजिटल प्रणाली से न केवल कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित हो रही है, बल्कि वास्तविक समय में मॉनिटरिंग भी की जा रही है। राज्य में जनगणना का कार्य अपनी निर्धारित समय-सीमा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक पूरे प्रदेश में 1,37,000 से अधिक मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं। 12 मई तक राज्य में कुल 1,84,92,860 मकानों की गणना का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। रायसेन जिले ने मिसाल पेश करते हुए मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का फील्ड कार्य समय से पहले ही पूरा कर लिया है।
स्व-गणना में दिखा नागरिकों का उत्साह
फील्ड वर्क शुरू होने से पहले, 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलाई गई थी। मध्य प्रदेश के नागरिकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के 7,46,158 परिवारों ने स्वयं अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज की, जिससे सरकारी मशीनरी को जनगणना कार्य में काफी गति और सहयोग मिला। 30 मई तक चलने वाले इस महा-अभियान के माध्यम से प्रशासन का लक्ष्य प्रदेश के हर कोने का सटीक डेटा जुटाना है, ताकि भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं का खाका मजबूती से तैयार किया जा सके।
