बंगाल में सत्ता परिवर्तन का ऐतिहासिक दिन, सुवेंदु अधिकारी 9 मई को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
कोलकाता. सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया इतिहास रचने जा रहे हैं। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बाहर करने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राज्य में पहली बार सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुने जाने के बाद अब वह 9 मई को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनकी ताजपोशी को लेकर पूरे देश की नजरें कोलकाता पर टिकी हुई हैं।
Suvendu Adhikari की शपथ ग्रहण समारोह को बेहद भव्य और हाई-प्रोफाइल बनाने की तैयारी की गई है। समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बीजेपी इसे पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव के प्रतीक के रूप में पेश कर रही है।
55 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी शुक्रवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुने गए। यह बैठक कोलकाता में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आयोजित हुई थी। बैठक के बाद अमित शाह ने पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने हिंसा और डर के माहौल के बावजूद बीजेपी पर भरोसा जताया है और यह जीत लोकतंत्र की बड़ी विजय है।
शपथ ग्रहण समारोह शनिवार 9 मई को सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम Brigade Parade Ground में होगा, जहां हजारों समर्थकों के जुटने की संभावना है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल R. N. Ravi सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ सरकार गठन का कार्यक्रम नहीं बल्कि बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत है। लंबे समय तक वामपंथी शासन और उसके बाद Mamata Banerjee के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के प्रभुत्व के बाद पहली बार बीजेपी राज्य की सत्ता तक पहुंची है।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने 264 में से 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया। चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को संपन्न हुए थे, जबकि मतगणना 4 मई को हुई। नतीजों में तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा और बीजेपी ने भारी बढ़त हासिल कर सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ कर दिया।
चुनावी नतीजों के बाद Mamata Banerjee ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए वोटिंग में गड़बड़ी के आरोप लगाए थे और शुरुआत में इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। विपक्षी इंडिया गठबंधन ने भी उनके आरोपों का समर्थन किया। हालांकि बाद में राज्यपाल द्वारा विधानसभा भंग किए जाने के बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया तेज हो गई।
इस बीच बंगाल की राजनीति में तनाव भी देखने को मिला। चुनावी परिणामों के बाद जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
बीजेपी अब इस जीत को 2026 की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धियों में से एक बता रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है और अब राज्य में विकास, कानून व्यवस्था और निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी।
दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस के लिए यह हार बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है। लगातार कई वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद पार्टी पहली बार विपक्ष की भूमिका में नजर आएगी। राजनीतिक जानकारों के अनुसार आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में बड़ा पुनर्गठन देखने को मिल सकता है।
फिलहाल पूरे देश की नजरें शनिवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां Suvendu Adhikari पश्चिम बंगाल के पहले बीजेपी मुख्यमंत्री के रूप में नई सरकार की शुरुआत करेंगे।
