प्रधानमंत्री की अपील की अनदेखी पर भाजपा हुई सख्त
प्रदेशाध्यक्ष बोले ईंधन बचाना जिम्मेदारी, दिखावा नहीं
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाओ अपील को दरकिनार कर सड़कों पर गाड़ियों का हुजूम उतारने वाले भाजपा नेताओं पर अब संगठन की गाज गिरती नजर आ रही है। राजनैतिक नियुक्तियां पाने के बाद शक्ति प्रदर्शन और भौकाल जमाने की होड़ आलाकमान के लिए सिरदर्द बन गई है। सूत्रों की मानें तो पार्टी संगठन ने इस फिजूलखर्ची और तामझाम पर अघोषित रोक लगाते हुए नेताओं को सख्त हिदायत दी है।
हाल ही में हुई नियुक्तियों के बाद नेताओं ने पदभार ग्रहण करने के दौरान भारी भीड़ और गाड़ियों का प्रदर्शन किया। सौभाग्य सिंह ठाकुर पाठ्यपुस्तक निगम के नवागत अध्यक्ष उज्जैन से भोपाल तक सैकड़ों गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे। इस दौरान कई चौराहों पर लंबा जाम लगा और जनता को परेशानी हुई। वहीं केपी यादव अशोकनगर से भोपाल तक गाड़ियों की लंबी कतार के साथ आए और स्टेट सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड के संचालक का पदभार ग्रहण करते समय जमकर शक्ति प्रदर्शन किया।
खंडेलवाल ने दोहराई प्रधानमंत्री की अपील
मामले के तूल पकड़ने के बाद भाजपा संगठन ने नाराजगी व्यक्त की है। बताया जा रहा है कि पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर से इस मामले में जवाब भी तलब किया गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री की अपील को दोहराते हुए कहा ईंधन की बचत करना केवल एक अपील नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता और हमारी जिम्मेदारी है। निगम-मंडलों के अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को इसे अपने दैनिक जीवन में उतारना चाहिए। समाज हित में हर छोटा प्रयास महत्वपूर्ण है।
विपक्ष का तंज जनता करे त्याग, सत्ताधारी करें मौज
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी भाजपा को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री देश को पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने का ज्ञान देते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके ही नेता उनकी अपील की धज्जियां उड़ा रहे हैं। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का यह दोहरा चरित्र दिखाता है कि सारा त्याग केवल आम जनता के लिए है, जबकि सत्ता में बैठे लोग संसाधनों का दुरुपयोग करने में मशगूल हैं।
संगठन की सख्ती का दिखा असर
संगठन द्वारा की गई कसावट का असर भी आज मंगलवार को दिखाई दिया। मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह ने मंगलवार को अपना पदभार ग्रहण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने और संयमित जीवनशैली की हालिया अपील को जमीन पर उतारते हुए सिंह अपने अवधपुरी स्थित आवास से तीन अन्य नेताओं के साथ ई-रिक्शा में बैठकर निकले। बिना किसी सुरक्षा घेरे या वीआईपी लाव-लश्कर के वह सीधे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुँचे। हालांकि कहा तो यह भी जा रहा है कि सिंह भी लाव लष्कर के साथ ही पदभार ग्रहण करने जाने की तैयारी कर चुके थे, मगर जब संगठन द्वारा उन्हें इस बात की हिदायत दी तो उन्होंने समर्थकों को घर से वापस लौटा दिया।
