जनसमस्याओं पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं, सीएमएचओ, तहसीलदार व पटवारी निलंबित
जन विश्वास अभियान की शुरुआत में चौपाल लगाकर सुनीं शिकायतें, सीईओ जनपद व श्रम अधिकारी की वेतन वृद्धि रोकी
भोपाल। जनसमस्याओं के निराकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने में किसी भी स्तर पर लापरवाही, उदासीनता या बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का शुभारंभ करते हुए अधिकारियों को यह कड़ा संदेश दिया। अभियान की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक शिथिलता पर कड़ा प्रहार किया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों की आवेदकों की मौजूदगी में एक-एक कर समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने लापरवाही बरतने पर छिंदवाड़ा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), परासिया के तहसीलदार और पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। वहीं, चौरई जनपद पंचायत के सीईओ और श्रम अधिकारी की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए।
मुख्यमंत्री डा यादव ने सुनवाई के दौरान परासिया तहसील की मीना बंजारा को गलत रिपोर्ट के कारण पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलने पर संबंधित पटवारी और तहसीलदार को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही पीड़िता को मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता से एक वर्ष की राशि तत्काल देने के निर्देश दिए। वहीं प्रसूति सहायता राशि न मिलने की शिकायत पर जांच में पोर्टल पर गलत जानकारी दर्ज पाई गई। इसे गंभीर विभागीय चूक मानते हुए छिंदवाड़ा सीएमएचओ को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ी वर्ष 2022 से पति की मृत्यु के बाद अनुग्रह राशि के लिए भटक रही मानवती वर्मा के मामले में लापरवाही पर सीईओ जनपद पंचायत चौरई और श्रम अधिकारी की एक-एक वेतनवृद्धि रोक दी गई। आदेश के बावजूद अभिलेखों में सुधार न करने पर एसडीएम चौरई, संबंधित तहसीलदार और पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
प्रतिभाओं से संवाद और सुशासन के निर्देश
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि, नवाचार, खेल, महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्थानीय प्रतिभाओं की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश के विकास की वास्तविक शक्ति बताया। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण ही सुशासन की पहचान है। उन्होंने अधिकारियों को ड्रॉप-आउट बच्चों का दाखिला कराने, सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत ई-अटेंडेंस सुनिश्चित करने और साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के कड़े निर्देश दिए।
मैं आऊंगा होम-स्टे पर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सनोत नागवंशी ने ग्रामीण पर्यटन एवं होम-स्टे मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें शासन से सब्सिडी प्राप्त हुई है। वर्तमान में वे दो कमरों का होम-स्टे संचालित कर रहे हैं, जिसे ‘मेक माय ट्रिप’ जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी सूचीबद्ध किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, मैं जरूर आपके होम-स्टे पर आऊंगा।
स्थानीय उत्पादों से रही अर्थव्यवस्था सुदृढ़
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रूपाली धुर्वे ने चिरौंजी प्रसंस्करण के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी देते हुए बताया कि उनके उत्पादों के यूरोप निर्यात के लिए एमओयू किया गया है। उन्होंने बताया कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने वाले ऐसे प्रयास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगे।
