पुलिस में इन-चार्ज व्यवस्था पर रोक, अब नए नियमों से होगा प्रमोशन
कार्यवाहक पदोन्नति की सभी प्रक्रिया अगले आदेश तक स्थगित
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में पुलिसकर्मियों को कार्यवाहक तौर पर उच्च पद का प्रभार (प्रमोशन) दिए जाने की प्रक्रिया पर आगामी आदेश तक पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। पुलिस मुख्यालय भोपाल ने इस संबंध में एक बड़ा फैसला लेते हुए चल रही सभी कार्यवाहियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।
विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) आदर्श कटियार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के बाद प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को इस निर्देश का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। पुलिस महानिदेशक की मंजूरी के बाद जारी इस आदेश के बाद अब विभाग में नए नियमों के तहत नियमित पदोन्नति का रास्ता साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसलिए लगाई कार्यवाहक प्रभार पर रोक
दरअसल, मध्य प्रदेश शासन ने वर्ष 2021 में पुलिस रेगुलेशन के पैरा 72 में संशोधन कर कार्यवाहक तौर पर उच्च पद का प्रभार देने की व्यवस्था (जी.ओ.पी. क्र. 148/21) लागू की थी। इसके तहत पुलिसकर्मियों को बिना वेतन बढ़ाए उच्च पद का प्रभार और वर्दी लगाने का अधिकार दिया जा रहा था। परंतु, हाल ही में मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। इस नए नियम के लागू होने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. वैद्यनाथन से कानूनी सलाह (विधिक परामर्श) ली है। इसी कानूनी सलाह के आधार पर अब आगे की नियमित प्रमोशन की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिसके चलते पुरानी कार्यवाहक व्यवस्था को रोक दिया गया है।
विभाग में प्रमोशन के पदों का गणित
कार्यवाहक प्रभार के भरोसे हैं बड़ी संख्या में पद
डीएसपी ंरैंक के कुल 410 पद प्रमोशन के लिए आरक्षित हैं, जिनमें से 297 पदों पर वर्तमान में इन-चार्ज अधिकारी तैनात हैं, जबकि 113 पद पूरी तरह खाली हैं। इसी तरह इंस्पेक्टर रैंक के कुल 1,657 पद हैं। इनमें से ज्यादातर पर इन-चार्ज इंस्पेक्टर काम कर रहे हैं और करीब 70 से 80 पद खाली हैं। वहीं अन्य रैंक जैसे सब-इंस्पेक्टर के लगभग 2,800 पद, एएसआई के 8,100 पद और हेड कॉन्स्टेबल के करीब 13,400 पद प्रमोशन के दायरे में आते हैं।
नए नियमों से भरे जाएंगे पद
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार 10 फरवरी 2021 की जी.ओ.पी. व्यवस्था के तहत चल रही सभी कार्यवाहक प्रमोशन की प्रक्रियाएं अगले आदेश तक ठंडे बस्ते में डाल दी गई हैं। इस फैसले से यह संकेत मिल रहे हैं कि लंबे समय से अटके नियमित प्रमोशन अब नए पदोन्नति नियम, 2025 के तहत जल्द शुरू हो सकते हैं। पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि भविष्य में सभी पुलिस इकाइयों को सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों और विधिक परामर्श के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई करनी होगी।
