कुकरू में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, 15 करोड़ की लागत से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कुकरू नेचुरल ब्रांड से महकेगी यहां की कॉफी
भोपाल। प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर जल्द ही एक नया सितारा चमकने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैतूल जिले के खूबसूरत हिल स्टेशन कुकरू को प्रदेश के एक बड़े और आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। कुकरू की वादियों को सैलानियों के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के लिए 15 करोड़ की लागत से एक एकीकृत टूरिज्म सर्किट तैयार किया जाएगा, जो कुकरू को चिखलदरा, मुक्तागिरी और मेलघाट से जोड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी, तो इस बजट को और बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुकरू के प्राकृतिक सौंदर्य को निखारने के लिए यहाँ ईको टूरिज्म, सनराइज और सनसेट प्वाइंट्स को विशेष रूप से विकसित किया जाएगा। पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस इको रिसॉर्ट्स और बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा। रोमांच के शौकीनों के लिए यहाँ ट्रैकिंग सहित विभिन्न एडवेंचर स्पोर्ट्स और रोमांचक गतिविधियां भी शुरू की जाएंगी।
जनजातीय परिवारों के लिए होमस्टे योजना
स्थानीय जनजातीय ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कुकरू में होमस्टे विकसित किए जाएंगे। इन होमस्टे का संचालन मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम के होटलों की तर्ज पर पूरी तरह से व्यवस्थित होगा। सैलानियों के लिए इनकी बुकिंग खुद एमपी टूरिज्म द्वारा की जाएगी, जिससे स्थानीय लोगों को सीधे रोजगार और स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।
देश-दुनिया में महकेगी यहां की कॉफी
कुकरू अपनी उत्कृष्ट कॉफी के साथ-साथ कोदो-कुटकी, आंवला, शहद, हर्रा, बहेड़ा, सफेद मूसली और भिलवा जैसे प्राकृतिक उत्पादों के लिए जाना जाता है। अब इन उत्पादों को कुकरू नेचुरल ब्रांड नेम के तहत पहचान दी जाएगी। महिला स्व-सहायता समूहों और वन विभाग के सहयोग से इसकी इकाइयां लगेंगी और शहरों में वन विभाग द्वारा इसके आउटलेट्स (विक्रय केंद्र) स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, क्षेत्र में दूध उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए रबड़ी, मावा और दही जैसे दुग्ध उत्पादों के विशेष विक्रय केंद्र भी खुलेंगे।
कॉफी कल्टीवेशन प्रोजेक्ट और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण
स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के लिए नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पाेरेशन के माध्यम से टूरिस्ट गाइड, ड्राइविंग और होटल मैनेजमेंट का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कुकरू में रोबुस्टा और अरेबिका कॉफी के ग्रोइंग, कल्टीवेशन व प्रोसेसिंग के लिए 1 करोड़ की लागत से एक विशेष परियोजना स्थापित की जाएगी, जिसमें कॉफी बोर्ड और वन विभाग ग्रामीणों को तकनीकी मदद देंगे।
जल संरक्षण, पशुपालन और बुनियादी ढांचे का विकास
कुकरू में पानी की समस्या के स्थायी समाधान और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 5 करोड़ की लागत से तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही ग्राम कसई में भी तालाब निर्माण के लिए सर्वे शुरू होगा।
