पद वृद्धि और नियुक्ति की मांग को लेकर वेटिंग षिक्षकों ने किया प्रदर्शन
भोपाल। उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती-2023 की प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) में शामिल अभ्यर्थियों का आक्रोश सोमवार को राजधानी भोपाल में एक बार फिर सड़कों पर नजर आया। लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे ये अभ्यर्थी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं। इसी के चलते सोमवार को भारी संख्या में वेटिंग शिक्षक पद वृद्धि और नियुक्ति की मांग को लेकर रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करने पहुंचे।
राजधानी में सोमवार को प्रदर्शनकारी कमलापति रेलवे स्टेशन परिसर में जमा हुए, वहां मौजूद पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वाहनों में बैठाकर लोक शिक्षण संचालनालय कार्यालय पहुंचाया। इस आंदोलन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल हुईं, जिन्होंने सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ग-1 उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के तहत उन्होंने पहले पात्रता परीक्षा पास की और फिर कठिन चयन परीक्षा भी उत्तीर्ण की। दो-दो परीक्षाएं देने और अच्छे अंक प्राप्त करने के बावजूद उन्हें आज तक नियुक्ति नहीं मिल सकी है। अभ्यर्थियों का गंभीर आरोप है कि इस भर्ती प्रक्रिया में सरकार द्वारा कुल 8,420 पद घोषित किए गए थे। लेकिन वास्तविकता यह है कि केवल 2,901 पदों पर ही नियुक्तियां दी गईं। शेष हजारों पदों को खाली रखने के कारण योग्य और अच्छे अंक लाने वाले अभ्यर्थी वेटिंग लिस्ट में ही अटके रह गए। वेटिंग शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि अगस्त 2023 में चयन परीक्षा आयोजित होने के बाद से ही वे लगातार पद वृद्धि और द्वितीय काउंसलिंग (सेकंड काउंसलिंग) के जरिए नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। हालांकि, सरकार और विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
गौरतलब है कि वर्ग-1 उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती-2023 के अभ्यर्थी पिछले दो वर्षों से लगातार चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि रिक्त पदों की संख्या बढ़ाकर तत्काल दूसरी काउंसलिंग आयोजित की जाए, ताकि योग्य शिक्षकों को उनका हक और सरकारी नौकरी मिल सके।
