एक्सपायरी डेट की शराब की सप्लाई, जिला आबकारी अधिकारी निलंबित
मुरैना कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के बाद आबकारी आयुक्त ने की कार्रवाई
भोपाल। राज्य के मुरैना जिले में सरकारी दुकानों पर एक्सपायरी डेट की देशी शराब सप्लाई करने के गंभीर मामले में प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। राज्य आबकारी आयुक्त ने मुरैना के जिला आबकारी अधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान उनका मुख्यालय ग्वालियर तय किया गया है। यह सख्त कदम मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ की ओर से भेजी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया है।
दरअसल, यह पूरा मामला बीते 18 जून का है, जब सरकारी मदिरा भंडारण गृह (वेयरहाउस) से एक्सपायरी डेट की करीब 260 पेटी देशी शराब बिक्री के लिए अलग-अलग सरकारी ठेकों पर भेज दी गई थी। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि एक्सपायरी शराब की इस बड़ी खेप को जिला आबकारी अधिकारी के डिजिटल सिग्नेचर (क्पहपजंस ैपहद) से ही जारी किया गया था। मामला उजागर होते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और कलेक्टर ने तुरंत उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए।
विशेष जांच दल ने की थी जांच
कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने डिप्टी कलेक्टर प्रतिज्ञा शर्मा के नेतृत्व में दो सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया। इस टीम ने डी-12, डी-17, डी-18 और डी-21 जैसी महत्वपूर्ण परमिट फाइलों के साथ-साथ आबकारी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज मदिरा स्टॉक का मिलान और विस्तृत परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि उपभोक्ताओं की सेहत को ताक पर रखकर एक्सपायरी शराब की आपूर्ति करने में भारी लापरवाही बरती गई, जिसकी सीधी जवाबदेही जिला आबकारी अधिकारी की थी।
जांच रिपोर्ट के बाद की कार्रवाई
जांच दल ने 24 जून को अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी थी, जिसके बाद बिना वक्त गंवाए इसे आबकारी आयुक्त को भेज दिया गया। रविवार को इस पर अंतिम मुहर लगाते हुए निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
