देश में एक करोड़ से ज्यादा छात्रों की बनेगी अपार आईडी
योजनाओं का लाभ लेने बार-बार जमा नहीं करने होंगे दस्तावेज
भोपाल। प्रदेश के स्कूली शिक्षा विभाग ने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और पेपरलेस बनाने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है। प्रदेश के सभी विद्यार्थियों का शैक्षणिक रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित और एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अपार आईडी निर्माण का विशेष अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक कुल 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थी नामांकित हैं। विभाग ने इनमें से एक बड़े हिस्से को इस डिजिटल नेटवर्क से जोड़ लिया है। प्रदेष में 1 करोड़ 39 लाख 38 हजार विद्यार्थी अपार आईडी बनाने का लक्ष्य रखा है। इनमें से अब तक 93 लाख 97 हजार विद्यार्थी की अपार आईडी बन चुकी है। 44 लाख 47 हजार विद्यार्थी ऐसे हैं जिनकी अपार आईडी बनना है, जिन्हें 30 जून तक पूरा किया जाएगा। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 70 लाख 9 हजार 516 विद्यार्थी और प्राइवेट (अशासकीय) स्कूलों में 69 लाख 28 हजार 218 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
क्या है अपार आईडी
अपार आईडी 12 अंकों की एक विशिष्ट पहचान संख्या है। इसे आप छात्र के शैक्षणिक जीवन का आधार कार्ड या डिजिटल पहचान पत्र कह सकते हैं। यह आईडी विद्यार्थी के पूरे जीवनकाल के शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखती है, जिसमें उनकी मार्कशीट, डिग्री, क्रेडिट स्कोर, पुरस्कार और अन्य प्रमाणपत्रों का डिजिटल संग्रह होता है।
विद्यार्थियों को मिलेंगे पांच लाभ
छात्रवृत्ति, प्रवेश और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में अब बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने होंगे, यह आईडी छात्र के स्कूली जीवन से लेकर उच्च शिक्षा और करियर तक हमेशा काम आएगी, मार्कशीट या सर्टिफिकेट खोने या फटने का डर हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा, छात्र देश-दुनिया में कहीं भी रहकर एक क्लिक पर अपने दस्तावेज देख और साझा कर सकेंगे और इससे फर्जी डिग्री और दस्तावेजों के फर्जीवाड़े पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
