ननि की कंप्यूटर शाखा की जानकारी पर वर्कशॉप में छापा
भोपाल। राजधानी के नगर निगम प्रशासन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब लोकायुक्त की टीम ने सेंट्रल वर्कशॉप मैकेनिकल दफ्तर पर अचानक दबिश दी। सोमवार को हुई इस कार्रवाई में दो दर्जन से अधिक अधिकारी दस्तावेजों को खंगालने में जुटे हैं। वर्तमान में इस शाखा की जिम्मेदारी प्रभारी विजय गोयल के पास है।
लोकायुक्त की टीम मुख्य रूप से टेंडर फाइलों और वाहनों के रखरखाव पर हुए खर्चों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच के दायरे में वर्कशॉप में हुए तकनीकी कार्यों का विवरण, वाहनों के लिए आवंटित बजट और उसके वास्तविक व्यय का मिलान और क्या बिलों का भुगतान नियमानुसार किया गया है या इसमें कोई वित्तीय अनियमितता है जैसे बिन्दुओं को ष्शामिल किया गया था। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। बीते दिनों लोकायुक्त ने नगर निगम की कंप्यूटर शाखा पर छापा मारा था, जिसमें कई संदिग्ध जानकारियां हाथ लगी थीं। इसी मामले में वित्त विभाग के अधिकारी गुणवंत सेवतकर को पद से हटाया गया था। कंप्यूटर शाखा से मिले सुरागों और संदिग्ध कड़ियों को जोड़ते हुए ही टीम आज मैकेनिकल वर्कशॉप तक पहुंची है।
अपर आयुक्त पर शिकंजा
इस पूरे मामले में लोकायुक्त ने 11 मार्च को तत्कालीन अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। कोर्ट से आधिकारिक सर्च वारंट मिलने के बाद ही टीम ने इस छापेमारी को अंजाम दिया है।
