तय दायरे में ही काम करेंगे कांग्रेस के प्रकोष्ठ और मोर्चा संगठन
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अब अपने अनुषांगिक संगठनों और प्रकोष्ठों पर नकेल कसने की तैयारी में है। पार्टी के सभी 69 प्रकोष्ठों और मोर्चा संगठनों को अब अपनी मनमर्जी के बजाय एक निर्धारित दायरे में रहकर ही काम करना होगा। संगठन में अनुशासन और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए पीसीसी नेतृत्व ने 30 मार्च को एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें इन सभी इकाइयों की लक्ष्मण रेखा और जिम्मेदारी तय कर दी जाएगी।
इस अहम बैठक में सभी प्रकोष्ठों और मोर्चा संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों एवं कार्यकारी अध्यक्षों को अनिवार्य रूप से बुलाया गया है। पीसीसी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी प्रभारियों को बैठक में लिखित रूप में यह जानकारी देनी होगी कि उनके प्रकोष्ठ का मूल कार्य क्या है और वे भविष्य में किस वर्ग को पार्टी से जोड़ने के लिए क्या विशेष प्रयास करेंगे। अब तक देखने में आता था कि प्रकोष्ठ अपने मुख्य विषयों से हटकर अन्य मुद्दों पर भी प्रदर्शन करते थे, जिससे मुख्य संगठन की रणनीति प्रभावित होती थी। अब नए निर्देशों के अनुसार कोई भी प्रकोष्ठ या मोर्चा अपनी मर्जी से किसी भी विषय पर धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। अन्य विषयों पर प्रदर्शन केवल तभी होगा, जब पीसीसी या प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से स्पष्ट निर्देश प्राप्त होंगे। संगठनों को यह भी बताना होगा कि वे किस विशेष वर्ग के बीच अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। इस कदम को आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए संगठन को और अधिक सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
