इजराइल का दावा, होर्मुज बंद करने वाला ईरानी कमांडर मारा गया, ईरान की बाब-अल-मंदेब पर हमले की धमकी
तेल अवीव. इजराइल के रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि ईरान के बंदर अब्बास इलाके हुए एयरस्ट्राइक में तंगसीरी मारे गए. इजराइली अधिकारियों के मुताबिक तंगसीरी वही कमांडर थे जिन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की प्लानिंग की थी.
तंगसीरी हाल के दिनों में काफी एक्टिव नजर आ रहे थे. उन्हें होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही लगभग रोक देने की रणनीति के पीछे अहम चेहरा माना जाता था. हालांकि ईरान ने अभी तक तंगसीरी के मौत की पुष्टि नहीं की है. इसी बीच खबर हैं कि अमेरिका, ईरान के खार्ग द्वीप पर जमीनी हमला (ग्राउंड इनवेजन) कर सकता है. इसके जवाब में ईरान ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दी है. बाब-अल-मंदेब रेड सी का एंट्री प्वाइंट है. यह रेड सी को अरब सागर से जोड़ता है. स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं. दुनिया के करीब 12 प्रतिशत तेल की सप्लाई यहीं से गुजरती है. यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग रूट है.
बाब-अल-मंदेब अफ्रीकी देश जिबूती में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस इस स्ट्रेट से सिर्फ 30 किमी दूर है. अगर बाब-अल-मंदेब में भी रुकावट आती है तो मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष और बढ़ सकता है. यह यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट को जोडऩे वाला अहम समुद्री रास्ता है. हर साल करीब 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 94 लाख करोड़ रुपये) का सामान इस रास्ते से गुजरता है. रोजाना लगभग 45 लाख बैरल तेल यहां से ट्रांसपोर्ट होता है. हालांकिए इसे बंद करना ईरान के लिए आसान नहीं है क्योंकि यह स्ट्रेट ईरान से करीब 2500 किमी दूर है. हालांकि यह यमन के पास स्थित है] जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोही मौजूद हैं. पहले भी गाजा युद्ध के दौरान हूती ने ड्रोन और मिसाइल से जहाजों को निशाना बनाया थाए जिससे रेड सी का ट्रैफिक प्रभावित हुआ था.
ईरान की होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने की तैयारी-
ईरानी मीडिया के मुताबिकए देश की संसद (मजलिस) होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है. अगर यह लागू होता है तो ईरान इस अहम समुद्री रास्ते से सुरक्षित गुजरने के लिए जहाजों से शुल्क वसूल सकता है. संसद की कंस्ट्रक्शन कमेटी के प्रमुख ने बताया कि इस संबंध में एक ड्राफ्ट तैयार किया गया है. लेकिन इसे अभी औपचारिक रूप से बिल के रूप में पेश नहीं किया गया है. उनका कहना है कि इस प्रस्ताव का मकसद जहाजों को सुरक्षा प्रदान करना है.
