भीषण तूफान में फंसा ममता बनर्जी का विमान आसमान में डेढ़ घंटे तक मंडराने के बाद कोलकाता में सुरक्षित उतरा
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बड़े खतरे से उस समय बाल-बाल बच गईं, जब उनका विमान खराब मौसम के कारण लंबे समय तक आसमान में चक्कर लगाता रहा. तेज आंधी, मूसलाधार वर्षा और ओलावृष्टि के कारण विमान को समय पर उतारना संभव नहीं हो सका, जिससे लगभग एक घंटे से अधिक समय तक चिंता की स्थिति बनी रही. अंततः मौसम में कुछ सुधार होने पर विमान को सुरक्षित उतार लिया गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल से एक जनसभा में शामिल होने के बाद कोलकाता लौट रही थीं. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उनका विमान दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे उड़ा था और उसे शाम तक कोलकाता पहुंचना था, लेकिन रास्ते में मौसम अचानक खराब हो गया.
जैसे ही विमान कोलकाता के आकाशीय क्षेत्र में पहुंचा, घने बादलों के साथ तेज हवाएं चलने लगीं और भारी वर्षा शुरू हो गई. कुछ ही समय में ओले गिरने लगे, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई. खराब दृश्यता और तेज हवाओं के कारण विमान को नीचे उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी और उसे बार-बार आकाश में घूमना पड़ा.
इस दौरान हवाई अड्डे पर भी स्थिति काफी भयावह हो गई थी. तेज हवाओं के कारण अस्थायी ढांचे उड़ने लगे और सुरक्षा के लिए लगाए गए अवरोध हिलने लगे. वहां खड़ी गाड़ियों पर भी तेज हवा का असर साफ दिखाई दे रहा था. कुछ समय के लिए पूरा क्षेत्र लगभग सुनसान हो गया था.
सूत्रों के अनुसार विमान चालक ने कई बार उतरने का प्रयास किया, लेकिन हर बार मौसम की खराब स्थिति के कारण उसे सफलता नहीं मिली. कुछ समय के लिए यह विचार भी किया गया कि विमान को किसी अन्य स्थान की ओर भेज दिया जाए, लेकिन विमान में पर्याप्त ईंधन होने के कारण चालक ने प्रतीक्षा करना उचित समझा.
करीब एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार करने के बाद मौसम में थोड़ी सुधार की स्थिति बनी. हालांकि वर्षा और ओलावृष्टि पूरी तरह बंद नहीं हुई थी, लेकिन हवा की तीव्रता कुछ कम हो गई थी. इसके बाद चालक ने दूसरी दिशा से उतरने का प्रयास किया, जहां मौसम अपेक्षाकृत शांत था.
अंततः शाम लगभग पांच बजे के बाद विमान को सुरक्षित रूप से कोलकाता में उतार लिया गया. विमान के सुरक्षित उतरते ही वहां मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली. इसके कुछ समय बाद मुख्यमंत्री कड़ी सुरक्षा के बीच अपने निवास के लिए रवाना हो गईं.
इस घटना ने कुछ समय के लिए प्रशासन और आम लोगों में चिंता पैदा कर दी थी. हालांकि किसी भी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई और सभी यात्री सुरक्षित रहे. मुख्यमंत्री ने इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और सीधे अपने निवास के लिए प्रस्थान कर गईं.
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार के मौसम में विमान को उतारना अत्यंत जोखिम भरा होता है. तेज हवाएं, कम दृश्यता और ओलावृष्टि जैसे हालात में थोड़ी सी भी चूक गंभीर परिणाम ला सकती है. ऐसे में चालक द्वारा धैर्य और सतर्कता के साथ लिया गया निर्णय ही सभी की सुरक्षा का कारण बना.
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि प्राकृतिक परिस्थितियों के सामने सावधानी और संयम कितना आवश्यक होता है. समय पर लिए गए सही निर्णय के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई और सभी सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सके.
