11.60 प्रतिशत की विकास दर से तेजी से आगे बढ़ रहा
मुख्यमंत्री ने कहा जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए हमारे पास पर्याप्त धनराशि
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय संसाधनों के समुचित प्रबंधन से अच्छे परिणाम देने का मॉडल तैयार किया है। हम कम संसाधनों में भी बेहतर से बेहतर परिणाम दे रहे हैं। आज हमारा मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले प्रदेश के रूप में पहचाना जा रहा है। मध्यप्रदेश 11.60 प्रतिशत की विकास दर से तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली में एक समिट को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश 11.60 प्रतिशत की विकास दर से तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार के पास 106 प्रकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए समानुपातिक आवंटन के लिए पर्याप्त धनराशि है। जनकल्याण के साथ हम प्रदेश के औद्योगिक और अधोसंरचनात्मक विकास के लिए भी सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो साल में प्रदेश में करीब 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। यह हमारे अपने राज्य की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। लाड़ली बहना योजना में हमारी 1 करोड़ 25 लाख 27 हजार बहने हैं। इनके हित में हम हर महीने 1500-1500 रुपये खाते में डाल रहे हैं। किसानों को किसान सम्मान निधि भी दे रहे हैं। भारत सरकार के वित्तीय व्यवस्था के जो उच्चतम मापदंड है उसके दायरे में रहकर हम अपनी आय-व्यय को विनियमित कर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
पहले से बेहतर हुई है कृषि विकास दर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने विकास के लिए हर क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया है। हमारी कृषि विकास दर भी पहले से बेहतर हुई है। हमने बीते दो साल में औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान देकर जीआईएस और रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव कर मध्यप्रदेश में निवेश के लिए एक नया माहौल तैयार किया है। उन्होंने कहा कि बीते दो साल में प्रदेश में करीब 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर आया है। यह हमारे अपने राज्य की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है
अब तक का सुव्यवस्थित होगा सिंहस्थ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बारे में कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला है। यह केवल उज्जैन और मध्यप्रदेश का ही नहीं देश का भी सबसे गरिमापूर्ण आयोजन है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, पर सिंहस्थ के दौरान यहां दो महीनों के भीतर 40 करोड़ लोग आएंगे। इसके लिए हमें उज्जैन को तैयार करना है, जिससे किसी भी श्रद्धालु को बाल बराबर भी कष्ट न होने पाए, हमारी सरकार इसके लिए सारे प्रबंधन करके चल रही है।
बनारस में होगा विक्रमादित्य महाट्य का मंचन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनारस जैसी पुण्य नगरी में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कराने जा रही हैं। हमारे लिए सौभाग्य की बात है सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के सभी पक्षों को लेकर हम दुनिया के सामने जा रहे हैं। इसलिए हम विक्रमादित्य रिसर्च सेंटर भी खोल रहे हैं, विक्रमादित्य के काल के अलग-अलग प्रकार के शोध को बढ़ावा भी दे रहा है। लोक रंजन के दृष्टि से विक्रमादित्य महानाट्य का मंचन कर हम भावी पीढ़ी को गणतंत्र के जनक की शौर्यगाथा दिखाना चाहते हैं।
