दलितों और आदिवासियों की सुरक्षा पर फिर गरमाई सियासत
सागर की घटनाओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
भोपाल। प्रदेश में दलितों और आदिवासियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है। सागर जिले में हाल ही में हुई दो गंभीर घटनाओं ने न केवल जनमानस को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया है।
अरुण यादव ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करते हुए भाजपा सरकार पर दलितों और आदिवासियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में दलितों और आदिवासियों के खून की अब कोई कीमत नहीं रह गई है। यादव ने दावा किया कि सागर जिले में पहले एक दलित परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई, और अब एक अन्य दलित युवक विष्णु अहिरवार पर जानलेवा हमला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में पुलिस की लापरवाही और सरकार की निष्क्रियता सामने आई है। विष्णु अहिरवार के मामले में तो अब तक एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों का सीधा संबंध सत्तारूढ़ दल भाजपा के नेताओं से है, जिसके चलते पुलिस कार्रवाई से बच रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं का कहना है कि भाजपा राज में दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार बढ़े हैं और पुलिस-प्रशासन भी राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है। कांग्रेस ने इन मामलों की सीबीआई जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
