सरकारी भत्तों का भुगतान अब डिजिटल करेंसी से
सरकार ने शुरू की नई पहल
भोपाल। प्रदेश सरकार ने सरकारी अधिकारियों को मिलने वाले पेट्रोल और फोन जैसे भत्तों के भुगतान की प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए इसे डिजिटल करेंसी के माध्यम से देने की पहल की है। सुपर क्लास वन, क्लास वन और क्लास टू अधिकारियों को अब यह भत्ते सीधे मोबाइल वॉलेट में प्रोग्रामेबल डिजिटल करेंसी के रूप में प्राप्त होंगे।
इस नई प्रणाली के तहत अधिकारियों को दी गई राशि की वैधता केवल एक महीने तक होगी। तय समयसीमा में उपयोग न होने की स्थिति में शेष राशि अपने आप सरकार की ट्रेजरी में वापस चली जाएगी। खास बात यह है कि इस डिजिटल करेंसी का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्यों जैसे पेट्रोल और फोन बिल के लिए ही किया जा सकेगा। सूत्रों के अनुसार, अक्टूबर के पहले सप्ताह में इस प्रणाली का सफल ट्रायल ट्रेजरी विभाग के अधिकारियों पर किया गया था। अब इसे प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में लागू करने की तैयारी है।
छात्रों के मोबाइल वॉलेट में भेजी जाएगी राशि
सरकार ने इस तकनीक को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में भी कदम उठाया है। स्कूटी, लैपटॉप, साइकिल और स्कूल ड्रेस जैसी छात्रहित योजनाओं की राशि भी अब डिजिटल करेंसी के रूप में छात्रों के मोबाइल वॉलेट में भेजी जाएगी। इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और फिजिकल बिल या कूपन की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
15 बैंकों को किया इंपैनल
डिजिटल करेंसी को मोबाइल ऐप के जरिए संचालित किया जाएगा, जिसे अधिकारी या हितग्राही अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड करेंगे। यह ऐप संबंधित व्यक्ति के सेवा कोड, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड से लिंक होगा। वॉलेट में राशि जमा होने के बाद भुगतान एक यूनिक पिन के माध्यम से किया जाएगा। इस प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए 15 बैंकों को इंपैनल किया गया है। फिलहाल, पंजाब नेशनल बैंक के सहयोग से इसे प्रदेश में लागू किया गया है। हर डिजिटल ट्रांजैक्शन में यूनिक कोड, मर्चेंट कैटेगरी, वर्चुअल पेमेंट एड्रेस और स्थान की जानकारी दर्ज होगी।
