जनता और जनप्रतिनिधियों से निरंतर संवाद बनाए रखें अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा विद्यार्थी की तरह विनम्र बनें, दायित्व का निर्वहन करें
भोपाल। मुख्यमंत्री डा मोहन यादव ने कहा कि जिलों में तैनात अधिकारी अपने काम और नवाचार से अपनी पहचान कायम करें। किसी भी ज्वलंत विषय पर पूरी दक्षता और तथ्यों के साथ अपनी बात रखें। स्थानीय जनता, मीडिया और जनप्रतिनिधियों से निरंतर आत्मीय संवाद बनाए रखें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कलेक्टर्स-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ के बाद अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। कॉन्फ्रेंस के शुभारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय कुमार शुक्ल ने पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि परमात्मा ने यदि हमें समाज के लिए काम करने का दायित्व दिया है तो हमें एक विनम्र विद्यार्थी की तरह इस दायित्व का निर्वहन करना ही चाहिए। हर दिन, हर तरीके से नई चीजें सीखें और अपनी दक्षता और अनुभव से उनका बेहतर क्रियान्वयन करें, लक्ष्य यह रखें कि नवाचार का समाज को अधिकतम लाभ मिले। उन्होंने कहा कि सभी लोक सेवकों से प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास के लिए प्राण-प्रण से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शासन की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनता के कल्याण के लिए शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को एकजुट होकर मिशन मोड में कार्य करना होगा।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे कल्याण की किरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन का अंतिम उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की किरण पहुंचाना है। राज्य सरकार सबके साथ, सबके लिए खड़ी है। जनता में यह विश्वास पैदा करना ही सुशासन का सबसे बड़ा उद्देश्य है। प्रदेश में जनता का विश्वास हमें मिल रहा है। यही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और हमें यह जनविश्वास हर हाल में बनाए रखना है।
काम ऐसा करें जिसे जनता याद रखें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर ऐसे जनहितैषी कार्य करें, जो आने वाले समय में जिले की जनता को याद रहें। अपने कार्यकाल का एक-एक क्षण जन-कल्याण में लगाएं और प्रदेश को नई ऊंचाईयों में ले जाएं। उन्होंने कहा कि नवाचार ऐसे हों, जो दीर्घकालिक हों। जिस विभाग से संबंधित नवाचार हो, उसकी पूरी कार्ययोजना विभाग से अनुमोदित हो, जिससे वह नवाचार स्थाई हो सके।
नकारात्मक खबरों का करें खंडन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में कई बार स्थानीय मीडिया, सोशल मीडिया में नकारात्मक खबरें छपती हैं, इनको वेरीफाई कर इनका तत्काल खंडन किया जाना चाहिए। आज सोशल मीडिया की पहुंच जन-जन तक है। शासन के द्वारा किए जा रहे लोक-कल्याणकारी कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाया जाए।
माह में दो बार होगी वर्चुअल कॉन्फ्रेंस
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि हो सकता है कोई एक समस्या से जूझ रहा है और किसी और के पास उस समस्या का समाधान है, इसमें फॉलोअप की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक माह में दो बार वर्चुअल कॉन्फ्रेंस होगी। जैन ने कहा कि जिले का बेहतर परिणाम तभी सुनिश्चित होगा जब सभी स्तर के अधिकारी-कर्मचारी मिलकर टीम के रूप में काम करेंगे। अच्छा संवाद होगा तो अच्छा हल निकलेगा। जिले में समस्याओं को हल करने के लिए, आम जनता के मध्य संवाद बनाएं रखना सुनिश्चित हो। किसी तरह की समस्या होने पर अपने नीचे के अधिकारियों से भी संवाद करना चाहिए।
पार्टी या विचार के लिए नहीं होती कुर्सी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस को लेकर कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को शासन व्यवस्था चलाने के लिए एक सर्विस बुक दी जाती है। उन्हें उसके हिसाब से शासन चलाना होता है। उन्होंने कहा कि देखने में आ रहा है कि बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, जो जिलों में जाते हैं, वे भाजपा और सरकार का बाजा बजा रहे हैं। ये प्रशासनिक अधिकारी विपक्ष पर यातनाएं करते हैं। कांफ्रेंस में ये मुद्दा आना चाहिए कि कुर्सी आम आदमी के लिए होती है, पार्टी या विचार के लिए नहीं। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक आापत्तिजनक बयान दिया। साथ ही उन्होंने बिना किसी का नाम लिए चेतावनी भरे लहजे में कहा कि आप सबको सुधरना पड़ेगा। सर्विस रूल बुक को मानना पड़ेगा। समय एक जैसा नहीं चलता है।
