मासूमों की जानों से खिलवाड़, कब्रिस्तान में तब्दील कर दिया प्रदेश को
नेता प्रतिपक्ष ने लगाए आरोप, सीबीआई जांच की मांग
भोपाल। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने मासूमों की जानों के साथ खिलवाड़ कर उन्हें कब्रिस्तान में तब्दील कर दिया है। दोषियों को सज़ा और प्रभावित परिवारों को न्याय तब तक नहीं मिलेगा, जब तक विपक्ष इस लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक नहीं पहुंचाता। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। जहरीली दवाओं की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगे और पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवज़ा और पुनर्वास सहायता दी जाए।
नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने दिल्ली में कांग्रेस द्वारा मध्यप्रदेश और राजस्थान में हुई बच्चों की मौत को लेकर संयुक्त पत्रकार वार्ता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कोई भी कंपनी अगर प्रदेश में अपना माल बेचना चाहती है, तो उसमें सरकार की सहभागिता अवश्य होती है, जहां कमीशन तय किया जाता है। प्रदेश सरकार ने तो 40 फीसदी तक कमीशन लिया, क्योंकि यह कमीशन की सरकार बन चुकी है। मध्यप्रदेश अब कफ सिरप माफियागिरी का अड्डा बन गया है। प्रदेश में शराब के साथ अब कफ सिरप का व्यापार भी तेज़ी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्द से जल्द कड़े नियम बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा और बैतूल में बच्चे मर रहे हैं और सरकार बदले में सिर्फ 4 लाख रुपए दे रही है। क्या एक माँ की उजड़ी गोद की कीमत सिर्फ 4 लाख है? उन्होंने मांग की कि जिन बच्चों की मृत्यु हुई एवं जो बच्चे बीमार हैं वो गरीब परिवारों से आते हैं और इलाज कराने में असमर्थ हैं। उनका उचित इलाज किया जाए एवं पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
विधायक सोहन वाल्मीकि ने लिखे पत्र, नहीं जागी सरकार
सिंघार ने कहा कि हमारे स्थानीय विधायक सोहन वाल्मीकि ने कई बार सरकार को चेताया, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। कई बार सरकार को जगाया, मुख्यमंत्री कलेक्टर सहित कई पत्र सरकार को लिखे मगर कोई नहीं जागा। आखिर पत्र लिखने के बाद भी सरकार क्यों नहीं जागी? जब बच्चे मरने लगे और मामला ज्यादा बढ़ा तो एक बच्ची का शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम कराया गया। पूरे प्रदेश में बच्चे मर रहे हैं औऱ मुख्यमंत्री कांजीरंगा पार्क में हाथी देख रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री को बच्चों की कोई परवाह नहीं थी ?
लापता हैं चार हजार से ज्यादा बच्चे
मध्य प्रदेश बच्चों के खिलाफ अपराध के मामले में नंबर वन है। एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2023 में 22,393 मामले सामने आए हैं। राज्य में 4 साल में 59 हजार से ज्यादा बच्चे लापता हो गए। प्रदेश के एक अस्पताल में नवजात बच्चों को चूहों ने खा लिया, जिसमें एक की दर्दनाक मृत्यु हो गई, लेकिन भाजपा सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
