झूठी शिकायतों की सूची नहीं, अधिकारियों की बने कुंडली
भोपाल। प्रदेश में लोक सेवा प्रबंधन विभाग द्वारा झूठी शिकायत कर्ताओं की सूची तैयार करने के आदेश पर सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस आदेश को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सिंघार ने कहा कि प्रदेश में हजारों ऐसी शिकायतें हैं जिन्हें बिना किसी ठोस कार्यवाही के सिर्फ कागजों पर निराकृत दिखा दिया गया है। अगर सरकार वाकई पारदर्शिता चाहती है, तो उन्हें उन अधिकारियों की कुंडली बनानी चाहिए, जिन्होंने झूठे जवाब देकर मामलों को जबरन बंद कर दिया कृ न कि उन नागरिकों की, जो अपनी समस्याओं के लिए आवाज उठा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आम जनता को ब्लैकमेलर करार देना लोकतंत्र का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर जनता अपनी बात सरकार से नहीं कहेगी, तो किससे कहेगी? उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के आदेश से जिम्मेदार और जागरूक नागरिकों को डराया नहीं जा सकता।
यह आदेश बना विवाद का कारण
गौरतलब है कि 25 सितंबर को लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदतन झूठी शिकायत करने वालों और ब्लैकमेलिंग की नीयत से शिकायतें दर्ज कराने वालों की सूची मोबाइल नंबर सहित तैयार कर सरकार को भेजें। विभाग का कहना है कि यह कदम व्यवस्था को दुरुस्त करने और शिकायत तंत्र की विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
