भारत पाकिस्तान मैच को अब प्रतिद्वंद्विता कहना बंद करें, सुर्यकुमार यादव ने एशिया कप में दिया करारा जवाब
एशिया कप के सुपर-4 में भारत ने पाकिस्तान को छह विकेट से हराकर एक बार फिर साबित कर दिया कि दोनों टीमों के बीच अब कोई बराबरी की टक्कर नहीं रह गई है. जीत के बाद कप्तान सुर्यकुमार यादव ने साफ कहा कि भारत-पाकिस्तान मैचों को प्रतिद्वंद्विता कहना बंद कर देना चाहिए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर दो टीमों ने 15 मैच खेले हों और स्कोर 8-7 हो तब उसे प्रतिद्वंद्विता कहते हैं, लेकिन यहां 12-3 जैसा अंतर है. यह अब मुकाबला नहीं है.” यादव के इस बयान ने पाकिस्तान की हार के घाव पर नमक छिड़क दिया और भारतीय फैन्स के बीच यह चर्चा का बड़ा मुद्दा बन गया.
पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल पर यादव ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया और यह भी कहा कि “प्रतिद्वंद्विता और मानक, दोनों एक ही हैं.” उनके इस बयान से साफ हो गया कि भारतीय टीम अब पाकिस्तान को गंभीर चुनौती मानने को तैयार नहीं है.
मैदान पर भी भारत ने बल्ले और रवैये से पाकिस्तान को जवाब दिया. युवा ओपनर अभिषेक शर्मा ने 39 गेंदों पर 74 रनों की धमाकेदार पारी खेली और शुबमन गिल (47 रन) के साथ 105 रनों की साझेदारी कर पाकिस्तान के गेंदबाजों की आक्रामकता को ठंडा कर दिया. मैच के दौरान कई बार बहस और तकरार हुई, लेकिन दोनों भारतीय बल्लेबाजों ने बल्ले से ही पलटवार किया. अभिषेक ने कहा, “वे हमें बेवजह उकसा रहे थे, मुझे यह बिल्कुल पसंद नहीं आया. और यही तरीका था उन्हें जवाब देने का.”
गिल और अभिषेक की जोड़ी बचपन से साथ खेल रही है और दोनों की साझेदारी ने पाकिस्तान की उम्मीदों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. अभिषेक ने गिल के बारे में कहा, “हम स्कूल से साथ खेल रहे हैं, आज तय किया था कि मैच खत्म करके लौटेंगे और वही हुआ. जिस तरह उसने पलटवार किया, मजा आ गया.”
गेंदबाजी में भले ही जसप्रीत बुमराह का दिन खराब रहा और उन्होंने 10 से ज्यादा की औसत से रन दिए, लेकिन कप्तान ने इसका बचाव किया. सुर्यकुमार बोले, “वह कोई रोबोट नहीं है, कभी न कभी खराब दिन आएगा. मगर शिवम दुबे ने हमें मुश्किल से बाहर निकाला.”
भारतीय कप्तान ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि हर खिलाड़ी मौके पर खरा उतर रहा है. “लड़कों ने कैरेक्टर दिखाया. पहले 10 ओवरों के बाद मैंने कहा था कि असली खेल अब शुरू होता है. सभी शांत रहे और शानदार प्रदर्शन किया,” यादव ने कहा.
यह जीत सिर्फ स्कोरलाइन तक सीमित नहीं रही. भारतीय टीम ने दिखा दिया कि पाकिस्तान का पुराना दबदबा अब अतीत की बात है. सुर्यकुमार यादव का बयान और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास इस मैच को ऐतिहासिक बना गया. अब भारत और पाकिस्तान का मुकाबला सिर्फ एकतरफा क्रिकेट है, प्रतिद्वंद्विता नहीं.
