प्रभात फेरी, श्रमदान और गौ सेवा से कांग्रेस करेगी संगठन को मजबूत
जिला अध्यक्षों को सेवाकार्य करने का दिलाया जाएगा प्रशिक्षण
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में नियुक्त किए गए जिला अध्यक्षों को पार्टी ने निर्देश दिए हैं कि वे जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित करने के लिए गांव-गांव और शहरों में प्रभात फेरी निकालें, श्रमदान करें और गौ सेवा जैसे सेवा कार्यों में जुटें। इसके लिए जिला अध्यक्षों को सेवा कार्य कैसे किए जाएं इसका बकायदा प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा।
कांग्रेस का यह अभियान राहुल गांधी के संगठन सृजन अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय और प्रभावशाली बनाना है। 2003 के बाद से बीते 22 वर्षों में से महज दो वर्षों को छोड़कर कांग्रेस सत्ता से बाहर रही है। अब पार्टी एक बार फिर लंबा वनवास समाप्त करने की तैयारी में है। इसके लिए जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ाव के लिए पार्टी ये कदम उठा रही है।
वर्षों से पार्टी की विचारधारा का रही है हिस्सा
वैसे देखा जाए तो कांग्रेस का यह नया प्रयास संघ की कार्यशैली से प्रेरित माना जा रहा है। पार्टी का दावा है कि ये गतिविधियां कोई नई नहीं हैं, बल्कि कांग्रेस के मूल में सदैव से रही हैं। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि महात्मा गांधी के समय से ही रघुपति राघव राजा राम जैसे भजनों के साथ प्रभात फेरियां निकाली जाती रही हैं, और ’गाय-बछड़ा’ कांग्रेस का ऐतिहासिक चुनाव चिन्ह रहा है। कांग्रेस का दावा है कि उनका यह अभियान दिखावा नहीं, बल्कि जनता से आत्मिक जुड़ाव की प्रक्रिया है, जो वर्षों से पार्टी की विचारधारा का हिस्सा रही है।
वर्धा में मिलेगा सेवा कार्यों का प्रशिक्षण
सेवा कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देने के लिए कांग्रेस अपने जिला अध्यक्षों को विशेष प्रशिक्षण भी दिलाएगी। इसके लिए महाराष्ट्र के वर्धा स्थित एक संस्था से बातचीत हुई है। बताया जा रहा है कि इस संस्था के माध्यम से जिला अध्यक्षों को बताया जाएगा कि कैसे समाज के बीच में सक्रिय रहकर संगठन को मजबूत किया जा सकता है। यह संस्था द्वारा गुजरात कांग्रेस के जिला अध्यक्षों को पहले चरण में यह प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी वर्धा पहुंचेंगे। उसके बाद मध्य प्रदेश के जिला अध्यक्षों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
