छोटी और संतुलित जिला कार्यकारिणी पर कांग्रेस का फोकस
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस ने संगठनात्मक मजबूती की दिशा में अहम कदम उठाते हुए जिला कार्यकारिणी को लेकर नई रणनीति तैयार की है। इस संबंध में पार्टी द्वारा एक सर्कुलर जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि अब कार्यकारिणी न केवल छोटी होगी बल्कि उसमें संतुलन भी साधा जाएगा।
सूत्रों के अनुसार आलाकमान की ओर से निर्देश जारी हुए हैं कि आगामी तीन महीनों के भीतर वार्ड से लेकर शहर स्तर तक की कार्यकारिणियां गठित कर दी जाएं। इस दिशा में प्रदेश कांग्रेस ने योजना तैयार कर जिलों के हिसाब से सदस्य संख्या का निर्धारण कर दिया है। बताया जाता है कि दो विधानसभा सीटों वाले जिलों में कार्यकारिणी में अधिकतम 50 सदस्य होंगे। तीन से चार विधानसभा क्षेत्रों वाले जिलों में 70 सदस्यीय टीम बनेगी। जबकि चार से अधिक विधानसभा क्षेत्रों वाले जिलों में कार्यकारिणी में अधिकतम 100 सदस्य होंगे। अब तक की परंपरा में कई जिलों की कार्यकारिणियों में 200 से 300 तक सदस्य शामिल किए जाते थे, लेकिन इस बार पार्टी ने जम्बो टीम की बजाय एक चुस्त, संतुलित और कार्यकुशल कार्यकारिणी बनाने का निर्णय लिया है। हालांकि, यह काम कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा। हाल ही में जिला अध्यक्षों की घोषणा के बाद कई जिलों में अंदरूनी विरोध के सुर उठे थे। ऐसे में छोटी कार्यकारिणी के चयन में संतुलन बनाए रखना संगठन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
