भाजपाई निकले तीन हजार कांग्रेस बूथ एजेंट
शुरू होगा सफाई अभियान, 60 हजार बूथों पर किया जाएगा वेरिफिकेशन
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान बनाए गए बूथ एजेंटों की जांच में करीब तीन हजार एजेंट भाजपा से जुड़े पाए गए, जबकि वे कांग्रेस की ओर से नियुक्त थे। इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने प्रदेश भर में बूथ स्तर पर बड़ा वेरिफिकेशन अभियान शुरू कर दिया है।
कांग्रेस संगठन ने 60 हजार से अधिक बूथों की जांच’’ के आदेश जारी किए हैं। साथ ही, 50 हजार से ज्यादा बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए)’’ को हटाकर नए सिरे से नियुक्तियां की जा रही हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह अभियान अब तक का सबसे बड़ा संगठनात्मक सर्वे बताया जा रहा है। सर्वे के दौरान सामने आया है कि कई जगहों पर फर्जी वोटरों के नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं, जिन्हें हटाने के लिए कांग्रेस प्रशासन को रिकॉर्ड सौंपेगी। विधानसभा स्तर पर चल रहे इस वेरिफिकेशन में कांग्रेस ने फर्जी कार्यकर्ताओं की पहचान करना भी शुरू किया है, जो कांग्रेस की पहचान लेकर ’’असल में भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा, “हमने तय किया है कि आगामी चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन को पूरी तरह शुद्ध किया जाएगा। केवल मूल और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को ही संगठन में स्थान मिलेगा। जो लोग भाजपा के लिए अंदरखाने काम कर रहे हैं, उन्हें बाहर किया जाएगा।“
विदिशा और रायसेन में पायलट प्रोजेक्ट से हुई शुरुआत
इस अभियान की शुरुआत विदिशा और रायसेन जिलों से की गई है, जहां पिछले कई चुनावों से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। इन जिलों को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चुना गया है, क्योंकि यहां भाजपा का प्रभाव अधिक रहा है। कांग्रेस का मानना है कि यदि इन जिलों में संगठन को मजबूत किया गया, तो आगामी चुनाव में पार्टी को बड़ा फायदा हो सकता है।
