एनआरआई कोटे से प्रवेश, करोड़ों के फर्जीवाडे़ का आरोप
भोपाल। एनएसयूआई ने निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एनआरआई कोटे में प्रवेश में करोड़ों के फर्जीवाड़े के आरोप लगाए है। एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा शिक्षा माफिया के हौसले बुलंद है। सरकार कड़े कदम नहीं उठा रही है।
परमार ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि एनआरआई कोटे से 15 प्रतिशत एडमिशन को लेकर प्रदेश में गड़बड़ी हुई है। कोटे से नियम विरुद्ध गोरख धंधा चल रहा है। प्रदेश में नीट काउंसलिंग जारी है। एक से डेढ़ करोड़ रुपए में सीट बेची जा रही है। विभागीय मंत्री और अधिकारी भी मामले में मिले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर एडमिशन में धांधली को अंजाम दिया जा रहा है। मध्यप्रदेश के मूल निवासी प्रमाण पत्र में भी फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। सार्वजनिक पोर्टल पर प्रदेश में दस्तावेज नहीं डाले जा रहा है जबकि महाराष्ट्र समेत अन्य प्रदेशों में दस्तावेज पोर्टल पर डाले जाते हैं जो एडमिशन से संबंधित होते हैं। मामले की न्यायिक जांच होना चाहिए। रिटायर्ड हाईकोर्ट के जजों से जांच होनी चाहिए। नॉन क्लीनिकल और क्लीनिकल कोर्सेज में भी बड़ी गड़बड़ियों की जा रही है।
परमार ने मांग की कि सभी पूर्व में एन.आर.आई. कोटे से प्रवेश लेने वाले छात्रों के दस्तावजो की जाँच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एसटीएफ से करवाई जाएं, प्रवेशित छात्रों के दस्तावेजों का पूर्ण सत्यापन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के प्राध्यपक, अधिकारी, काउंसलिंग प्रतिनिधि से करवाया जाये और उन्हें सार्वजनिक पोर्टल पर अपलोड किया जाए। दोषी निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेज प्रबंधन व संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
