स्वदेशी उत्पाद का प्रेम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा
स्वदेशी स्वावलंबन विषय पर संगोष्ठी में बोले मुख्यमंत्री
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि हर भारतीय नागरिक को न केवल स्वयं स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करना चाहिए, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। यही देश प्रेम हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। स्वदेशी भावना ही सच्ची राष्ट्रसेवा का सहज मार्ग है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में जनअभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में ’स्वदेशी से स्वावलंबन’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का अधिकाधिक उपयोग ही देश के प्रति प्रेम और सच्ची राष्ट्र सेवा है। हम सभी को अपने जीवन में देशी उत्पादों का उपयोग बढ़ाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी भाव से सदैव जुड़े रहने के संकल्प के तहत कार्यक्रम में उपस्थित सभी को स्वदेशी उत्पादों का ही उपयोग करने की शपथ दिलाई।
हमारी संस्कृति सिखाती है स्वदेशी का भाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को ’राष्ट्रीय लघु उद्योग दिवस’ की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लघु उद्योगों से ही हमारी अर्थव्यवस्था कायम है। भारतीय वस्तुओं और भारतीय तकनीक की विश्व में धूम मची है। वैश्विक स्तर पर हमारे देश में निर्मित वस्तुओं की मांग बढ़ी है। यह वैश्विक मांग हमारे राष्ट्रीय स्वाभिमान भाव को और पोषित करती है। उन्होंने कहा कि पूरा राष्ट्र स्वदेशी के प्रति वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध है। हमारी संस्कृति ही हमें स्वदेशी का भाव सिखाती है।
स्वदेशी की भावना हर नागरिक तक पहुंचेगी
संगोष्ठी में बैतूल विधायक एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि स्वदेशी एक बड़ा विषय है। राज्य सरकार स्वदेशी के प्रति जागरूकता और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ रही है। हम सभी अपने मानस में, अपने आचरण में स्वदेशी भाव लाएं, तभी हमारा देश विकसित और समृद्ध बनेगा। हम अपनी संस्कृति और धरोहर को बचाए रखें और सरकार के स्वदेशी भाव से जुड़े हर काम, हर अभियान में सहयोगी बनें। उन्होंने कहा कि हम सभी मिलकर जागृति लाएंगे, तभी तो स्वदेशी की भावना हर नागरिक तक पहुंचेगी।
