सिंहस्थ के लिए जमीन अधिग्रहण का मुद्दा दिल्ली पहुंचा
किसानों के आंदोलन के बीच अमित शाह ने की मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से चर्चा
भोपाल। सिंहस्थ महाकुंभ के लिए उज्जैन में किसानों की ज़मीन अधिग्रहण का मुद्दा अब दिल्ली तक सुर्खियों में आ गया है। किसानों और भारतीय किसान संघ के लगातार विरोध के बाद यह मामला केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंच गया है। शाह ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की और जल्द समाधान निकालने के निर्देश दिए।
उज्जैन में स्थायी कुंभ नगरी के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने लैंड पूलिंग योजना प्रस्तावित की है, जिसके तहत 2,378 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता बताई जा रही है। इस परियोजना का ग्रामीण क्षेत्रों के किसान विरोध कर रहे हैं, जिनका कहना है कि अधिग्रहण से उनकी आजीविका पर असर पड़ेगा। पिछले दो हफ्तों से किसान उज्जैन में आंदोलन कर रहे हैं।
किसान संघ के साथ मुख्यमंत्री की बैठक, नहीं बनी सहमति
भारतीय किसान संघ भी आंदोलन से जुड़ गया है। तीन सप्ताह पहले संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर किसानों की आपत्तियां रखीं थीं। बैठक में किसान संघ ने स्पष्ट किया कि वे सरकार की लैंड पूलिंग नीति से सहमत नहीं हैं और इस पर अमित शाह की उपस्थिति में चर्चा की मांग की थी। भारतीय किसान संघ का कहना है कि ज़मीन देने वाले अधिकतर किसान छोटे और सीमांत हैं, जो अपनी आधी से अधिक ज़मीन गंवाने की स्थिति में हैं। उनका तर्क है कि यदि वे 50 प्रतिशत ज़मीन भी दे दें, तो उनके पास जीविका चलाने के लिए कुछ नहीं बचेगा।
किसानों को नहीं होगी परेशानी, मिलेगा समुचित लाभ
हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संघ पदाधिकारियों को आश्वस्त किया है कि लैंड पूलिंग से किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी और उन्हें इसका समुचित लाभ मिलेगा। शाह के साथ हुई बैठक में सिंहस्थ से जुड़े अन्य बिंदुओं पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया।
