एकजुट रहें, गुटबाजी को पनपने ना दें, तभी जीत पाएंगे चुनाव
जिला अध्यक्षों को खरगे का संदेश, पार्टी के वफादारों को दें नियुक्ति
भोपाल। जिला अध्यक्ष अपने अधीन ब्लॉक समिति बनाते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जिनकी नियुक्ति आप कर रहे हैं वे सभी लोग पार्टी के प्रति वफादार और मेहनती हों। सबसे जरूरी बात यह है कि वे कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से विचलित न हों. कोई उन्हें लुभाए भी, तो उनकी वफादारी कांग्रेस के प्रति बनी रहे; हमें ऐसे लोगों की जरूरत है। आपको सबको एकजुट रखना होगा। गुटबाजी को पनपने न दें, जब कांग्रेस एकजुट रहेगी, तभी हम चुनाव जीतेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ये बात आज दिल्ली में मध्यप्रदेश के नवनियुक्त जिला अध्यक्षों के प्रशिक्षण सत्र के दौरान कही। खरके ने कहा कि सबसे जरूरी बात यह है कि जिन लोगों को नियुक्ति दे रहें हैं वे कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से विचलित न हों, कोई उन्हें लुभाए भी, तो उनकी वफादारी कांग्रेस के प्रति बनी रहे; हमें ऐसे लोगों की जरूरत है। राहुल गांधी और मैंने अनुभव किया है कि संगठन को मजबूत किए बिना, जिला अध्यक्षों को महत्व दिए बिना, हम मजबूती से सत्ता में वापसी नहीं कर सकते। हमें कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार जनता के बीच रहना होगा। हमें ऐसे तरीके खोजने होंगे जिनसे लोग हमसे जुड़ें। हमारी विचारधारा का समर्थन करें., तभी जमीनी स्तर पर हमारी ताकत बढ़ेगी।
परंपरा बदली तो विचारधारा को किया जाने लगा नजरअंदाज
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अपने मजबूत संगठन के बल पर लंबे समय तक देश पर शासन किया। उस समय, मंत्रियों के लिए जिले का दौरा करने से पहले जिला अध्यक्ष से संपर्क करना जरूरी होता था। उन्हें जिला कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन बीच में, यह परंपरा थोड़ी बदल गई। मंत्री अपने पसंदीदा लोगों को जिला अध्यक्ष बनाने लगे। योग्यता और विचारधारा को नजरअंदाज़ किया जाने लगे।
दिल्ली पहुंचा नियुक्ति का विरोध
कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर चल रहा विरोध आज दिल्ली में जिला अध्यक्षों की बैठक के दौरान भी देखने में आया। एआईसीसी कार्यालय के सामने इंदौर जिले के नए कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंच गए हैं और मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि विपिन वानखेड़े इंदौर जिले के नहीं हैं, ऐसे में उन्हें जिला अध्यक्ष बनाना स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है। केवल इंदौर ही नहीं, बल्कि भोपाल, देवास, उज्जैन समेत कई जिलों में कार्यकर्ताओं ने नए अध्यक्षों की नियुक्ति पर नाराजगी जाहिर की है।
