संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी ने मांगों को लेकर किया प्रदर्शन
भोपाल। प्रदेश के संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी आज अपनी 8 सूत्री मांगों को लेकर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला के निवास पर पहुंचे। कर्मचारियों ने मंत्री बंगले पर प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपकर समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
आउटसोर्स कर्मचारी का कहना है कि उनका 5 से 6 महीने तक वेतन भुगतान लंबित। इतना ही नहीं वेतन पूरा देने की बजाए सिर्फ 60 से 70 प्रतिशत तक दिया जा रहा। जिसकी वजह से कर्मचारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। ऐसे में संघ ने मांगे पूरे नहीं होने पर आंदोलन की चेतवानी दी। आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्य कर चुके संविदा सपोर्ट स्टाफ को विभाग में रिक्त पदों पर नियमित किया जाए या पुनः मिशन में समाहित किया जाए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति आयोग का गठन किया जाए। जब तक कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं, तब तक उन्हें विभाग के रिक्त पदों पर नियमित किया जाए।
कर्मचारियां की मांगें
विगत में सेवाएं दे चुके कर्मचारियों को भी पुनः नियमित किया जाए, महिला कर्मचारियों को छह माह का मातृत्व अवकाश एवं शासकीय सेवकों के समान सुविधाएं दी जाएं, नीति आयोग का गठन किए बिना किसी भी कर्मचारी को सेवा से पृथक न किया जाए, नियमितीकरण की वार्षिक समीक्षा अनिवार्य की जाए और संविदा नीति 2018 एवं 2023 को महंगाई भत्ते सहित पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
